कासगंज। प्रदेश के डीजीपी के ट्विटर एकाउंट पर थाना सिढ़पुरा में पुलिसकर्मियों द्वारा तमंचा बनवाए जाने की फोटो के साथ शिकायत करते हुए पोस्ट डाली गई। ट्वीट की गई पोस्ट की जांच के निर्देश मिलने पर एसपी ने पटियाली सीओ से इस मामले की जांच कराई। जांच में पोस्ट किया गया फोटो वर्ष 2018 का पाया गया। शिकायतकर्ता के आरोप जांच में निराधार साबित हुए।
एसपी मनोज कुमार सोनकर ने इस मामले के संबंध में बताया कि 26 अक्टूबर 2018 को थाना सिढ़पुरा पुलिस ने सियौंड़ी गांव के एक बाग से संचालित शस्त्र फैक्ट्री पकड़ी थी। इसमें तमंचा, कारतूस सहित अन्य असलाह बरामद किए गए थे। फैक्ट्री के संचालन के आरोप में तीन लोगों को जेल भेजा गया था। बताया गया कि जिस समय यह कार्रवाई की गई थी उस समय खेत में पानी भरा होने के कारण कांस्टेबल पुष्पेंद्र कुमार की वर्दी खराब हो गई थी।
इसलिए थाने में आकर होमगार्डों के विश्राम कक्ष में बैठकर मामले की फर्द तैयार की जा रही थी। उस समय का फोटो ट्वीट के साथ वायरल किया गया। ट्वीट में दिखाई देने वाला युवक अभयजीत को उसी समय पुलिस ने जेल भेजा था। उन्होंने कहा कि ट्वीट पर की गई शिकायत पूरी तरह से निराधार पाई गई है।