आगरा। सेना के अफसरों को गढ़ने वाले गुरुजी का शनिवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया, जो पूरे दिन चर्चाओं में रहा। जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर अजय मिश्रा के साथ उनकी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया है। वर्ष 1971 में अंग्रेजी में पीएचडी डॉ. संतोष गोयल अपने बारे में बता रहे हैं। वह नेत्रहीन हैं और देश की प्रतिष्ठित संस्था नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला में भविष्य के सैन्य अधिकारियों को शिक्षा दी थी।
वीडियो में वह बता रहे हैं कि वे आर्मी एजुकेशन कोर में शिक्षक रह चुके हैं। उनके पढ़ाए हुए छात्र आज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, कैप्टन, मेजर से लेकर जनरल तक के पदों पर देश की सेवा कर रहे हैं। तीन साल तक एनडीए में सेवाएं देने के बाद आंखों की रोशनी खराब होने के कारण उन्हें बोर्ड आउट कर दिया गया। डॉ. गोयल का कहना है कि यदि उनकी सेवा 15 साल पूरी होती, तो आज वे सम्मानजनक पेंशन पा रहे होते, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
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मंदिर में बसेरा और ढोकले पर गुजारा
डॉ. गोयल आगरा के नगला पदी स्थित एक मंदिर में अपना समय व्यतीत करते हैं। दांत न होने के कारण वे रोटी नहीं खा पाते, इसलिए पास ही स्थित देवीराम मिष्ठान भंडार से मिलने वाले भोग (ढोकले और लड्डू) से अपना पेट भरते हैं। इतनी तंगहाली और शारीरिक अक्षमता के बावजूद उनके भीतर का शिक्षक आज भी जीवित है। वे मंदिर में आने वाले छात्रों को शेक्सपियर के नाटकों (मर्चेंट ऑफ वेनिस, जूलियस सीजर) से लेकर मिल्टन और कीट्स की कविताओं तक का मार्गदर्शन निशुल्क देते हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग उनके बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।