अशद ने वीडियो में कहा है कि हम बदायूं के रहने वाले हैं। हम पर आरोप लगाते हैं कि बांग्लादेशी हैं। लेकिन बदायूं में रहने वाली हमारी ताई के पास सारे सबूत मिल जाएंगे कि हम हिंदुस्तानी हैं। आज मेरी सारी बहनें मर रही हैं। मैं भी मर जाऊंगा। पीएम मोदी, सीएम योगी से गुहार लगाते हुए कहा कि हर मुसलमान एक सा नहीं होता है। हिंदुस्तान के अंदर फिर किसी परिवार को ऐसा नहीं करना पड़े। जीते जी नहीं तो मरने के बाद इंसाफ दे दीजिए। आप सच्चे हिंदू और ठाकुर हैं तो मेरे घर में मंदिर बनना चाहिए।
अशद ने कहा कि बाप के साथ मिलकर बहनों को मारा है। न जाने कितने गरीब लोगों की इन लोगों ने बेटियां उठाकर बेच दीं। बस्ती वालों ने चौकी अपने हाथ में ले रखी है। पुलिसकर्मियों को पैसा देकर बच जाते हैं। अशद ने अंत में कहा है कि आपकी मर्जी है कि जलाओ या दफनाओ। इनको बेरहमी से मैंने मारा है। हमारी हिंदुओं ने ही मदद नहीं की। हाथ जोड़कर विनती है, इंसाफ दिलाओ। लखनऊ आए थे, आपसे मिलने के लिए। लेकिन मिल नहीं पाए।
होटल शरनजीत में खेला खूनी खेल
आगरा के टेड़ी बगिया क्षेत्र के इस्लाम नगर के रहने वाले 24 साल के अशद ने यह खूनी खेल खेला। सनसनीखेज हत्याकांड में हैरान करने वाली बात ये है कि चार बेटियों में से दो नाबालिग हैं। जबकि, दो की उम्र 18 और 19 साल है। लखनऊ के होटल शरनजीत में इन पांच हत्याओं से पूरे शहर में सनसनी फैल गई।