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बिल्डर की धोखाधड़ी: भुगतान करने के 16 साल बाद भी नहीं मिले भूखंड, परेशान निवेशकों का एडीए में प्रदर्शन

Wed, 01 Jul 2026 09:48 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

नक्शा पास कराने के बाद बिल्डर ने एक तरफ एडीए से बंधक भूमि के नाम पर धोखाधड़ी की। जिस भूमि की बिक्री हो चुकी थी, उसे बंधक रख दिया। इस मामले में एडीए ने बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 
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एडीए पर प्रदर्शन करते निवेशक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा में अंसल एपीआई की धोखाधड़ी के शिकार खरीदारों ने बुधवार को आगरा विकास प्राधिकरण कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन किया। उपाध्यक्ष कार्यालय के बाहर कैंप लगाकर धरना दिया। सूचना पर उपाध्यक्ष ने वार्ता के लिए सचिव को भेजा। उपाध्यक्ष ने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई और खरीदारों को राहत दिलाने का आश्वासन दिया है।
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अंसल प्रॉपर्टीज एंड इन्फ्रास्टक्चर ने शास्त्रीपुरम में करीब 450 एकड़ भूमि पर सुशांत ताज सिटी परियोजना वर्ष 2008-09 में बनाई थी। वर्ष 2010 में एडीए ने नक्शा पास किया था। नक्शा पास कराने के बाद बिल्डर ने एक तरफ एडीए से बंधक भूमि के नाम पर धोखाधड़ी की। जिस भूमि की बिक्री हो चुकी थी, उसे बंधक रख दिया। इस मामले में एडीए ने बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 

दूसरी तरफ सैकड़ों निवेशक परेशान हैं। बुधवार को अंसल होम बायर्स एसोसिएशन अध्यक्ष केजी अग्रवाल के नेतृत्व में घर खरीदार व निवेशकों ने एडीए उपाध्यक्ष कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि 12 साल पहले भुगतान करने के बाद भी उन्हें भूखंड नहीं मिले। विकास कार्य बंद हैं। करीब 3,000 से अधिक निवेशक फंस गए हैं।
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पीड़ित मोना चंद्रा ने बताया कि 2010 में उन्होंने 13 लाख रुपये दिए थे। 16 साल बाद भी बिल्डर ने भूखंड की रजिस्ट्री नहीं की। राधेश्याम शर्मा, कालीचरन, रामेंद्र तिवारी, अविनाश चंद्रा, रामेंद्र शर्मा आदि ने भी बिल्डर पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए। हंगामा बढ़ने पर उपाध्यक्ष ने प्रभावित लोगों को वार्ता के लिए बुलाया। होम बायर्स की तरफ से ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें संपत्तियों की रजिस्ट्री व कब्जा दिलाने, विकास कराने और बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
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