कुंदनिका शर्मा बल्केश्वर में रहती हैं। 94 वर्षीय गोपाल दास नीरज सुबह नाश्ते के बाद कॉफी पी रहे थे। तभी उन्हें सीने में तकलीफ महसूस हुई। सांस उखड़ने लगी। पास के ही अस्पताल सांई ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
चेकअप में पता चला कि ब्लड प्रेशर बहुत कम रह गया है। उनका उपचार कर रहे डॉक्टर अरविंद जैन ने बताया कि उनके सीने में संक्रमण है। वो निमोनिया से भी पीड़ित हैं।
इस पर उन्हें दीवानी कचहरी के पास स्थित लोटस हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां से दिल्ली स्थित एम्स ले जाने की तैयारी की जाने लगी लेकिन शाम सात बजे ब्लड प्रेशर सामान्य हो गया। यूरिन आदि की रिपोर्ट भी सामान्य आई। इस पर उन्हें यहीं रखा गया।
कुंदनिका शर्मा ने बताया कि तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा है। वहीं उनके बीमार पड़ जाने का पता चलते ही चाहने वालों का तांता लग गया। उनके स्वस्थ होने के लिए दुआएं होने लगीं।
चार जनवरी 1925 को इटावा के पुरावली गांव में जन्मे गोपाल दास नीरज फिलहाल अलीगढ़ के मैरिस रोड जनकपुरी में रहते हैं। वो अलीगढ़ के धर्म समाज इंटर कॉलेज में प्रवक्ता भी रहे हैं।
तीन बार मिला फिल्म फेयर अवार्ड
मेरठ कॉलेज मेरठ में भी हिंदी का शिक्षण कार्य किया है। इससे पहले कानपुर के डीएवी कॉलेज में क्लर्क का काम किया। उन्हें 1970, 1971, 1972 में फिल्म फेयर अवार्ड मिले।
1991 में भारत सरकार ने पद्म श्री से अलंकृत किया तो 1994 में यूपी सरकार ने यशभारती से। इसके बाद 1994 में उन्हें पद्म भूषण दिया गया। पिछली सपा सरकार में उन्हें भाषा संस्थान का अध्यक्ष बनाकर कैबिनेट मिनिस्टर का दर्जा दिया गया।
हाल ही में 16 जून को भी गोपाल दास नीरज की तबीयत बिगड़ गई थी। तब वो अलीगढ़ में थे। तब उन्हें निमोनिया हुआ था। काफी दिन उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिली। पिछले वर्ष तबीयत और ज्यादा खराब रही थी। तब 18 नवंबर को एम्स में भर्ती कराया गया था। 21 नवंबर को उनका प्रोस्टेट का ऑपरेशन हुआ था।