इसमें मरीज के कान, सुनने की क्षमता समेत अन्य की जांच कराते हैं। अगर चक्कर की परेशानी दिमाग, मधुमेह की वजह से है तो संबंधित विभाग रेफर कर देते हैं। अगर परेशानी कान की वजह से है तो मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाता है। अधिकांश मरीजों की परेशानी डेढ़ महीने में दवा से ठीक हो जाती है। गंभीर मरीजों में छह महीने तक दवाएं चलती हैं।
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वर्टिगो के लक्षण
वर्टिगो के लक्षण आमतौर पर अचानक शुरू होते हैं और कुछ सेकंड्स या मिनट तक ही रहते हैं। इसका सबसे प्रमुख लक्षण अचानक सिर चकराना या घूमना है, जो अक्सर सिर की स्थिति बदलने पर होता है। उदाहरण के लिए, जब आप बिस्तर पर करवट लेते हैं, सिर को अचानक ऊपर उठाते हैं, नीचे झुकते हैं या गर्दन को तेजी से घुमाते हैं, तो यह लक्षण महसूस हो सकता है। इसके साथ ही, उल्टी आना, संतुलन खोना और आंखों का अनियंत्रित तरीके से हिलना भी इसके अन्य लक्षण होते हैं। ये लक्षण हालांकि कम समय के लिए होते हैं, लेकिन इनकी वजह से व्यक्ति को काफी बेचैनी और घबराहट महसूस हो सकती है।
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तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
अगर आपको इस तरह के लक्षण बार-बार महसूस होते हैं, तो इसे अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है। हालांकि, बीपीपीवी का इलाज संभव है, लेकिन अचानक चक्कर आना या संतुलन खोना किसी और गंभीर स्वास्थ्य समस्या, जैसे स्ट्रोक, मस्तिष्क ट्यूमर या मल्टीपल स्केलेरोसिस का भी संकेत हो सकता है।