दिल्ली-आगरा रेल मार्ग पर ट्रेनों में डकैती और लूट की वारदात को अंजाम अवैध वेंडरों के गिरोह दे रहे हैं। पूर्व में हुए खुलासों के बाद गोंडवाना एक्सप्रेस में मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री से हुई लूट के मामले में भी जीआरपी इसी गिरोह का हाथ मान रही है। तकरीबन एक दर्जन संदिग्धों और अवैध वेंडरों से हुई पूछताछ में भी अहम सुराग जीआरपी के हाथ लगे हैं। जीआरपी की मुश्किल ये है कि आगरा मंडल में चलने वाली 248 ट्रेनों में करीब 1200 वेंडर हैं। ऐसे में इन पर शिकंजा कसना मुश्किल है। जीआरपी ने सूची बनाकर इनका रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है।
जीआरपी ने ट्रेनों में चलने वाले सभी पुराने अवैध वेंडरों की सूचना मांगी है। इनके नाम, कहां रह रहे, क्या कर रहे, फोटो, संपर्क नंबर और पते आदि का एक डिजिटल एलबम भी बनाया जा रहा है। ये वेंडर पूर्व में ट्रेनों में पेठा, पेड़ा और अन्य खाद्य सामग्री बेचते थे। बाद में रेल मंत्रालय के निर्देश के बाद इन सभी को हटा दिया गया था। इसके बाद ये बेरोजगार हो गए। अब जीआरपी को इनपुट मिला है कि इनमें से कुछ ने गिरोह बनाकर ट्रेनों में वारदात करना शुरू कर दिया है। लंबे समय तक ट्रेन में चलने के कारण इन्हें जीआरपी के एस्कार्ट, टीटीई तक की भी पूरी जानकारी होती है। ट्रेनों के संचालन के साथ ये भी पता रहता है कि कौन सी ट्रेन कहां, कितनी देर तक रुकेगी। कहां ट्रेन की गति धीमी गति होती है। सभी 24 से 32 साल की उम्र के हैं और धीमी गति होने पर सामान लेकर उतरने और चढ़ने का अभ्यास भी है।
इन क्षेत्रों से वाकिफ हैं
आगरा-पलवल सेक्शन, ईदगाह-बयाना, ईदगाह-बांदीकुई, मथुरा-अलवर, दिल्ली-अलीगढ़, टूंडला-कानपुर सेक्शन, जयपुर, भरतपुर, बल्लभगढ़
वारदात का तरीका भी एक
पिछले दो माह में जितनी भी लूट, छिनैती और डकैती हुई है, सभी में एक ही तरीका अपनाया गया। 28 फरवरी को तमिलनाडु एक्सप्रेस में एक महिला की अंगूठी, चेन और पैसा छीना। 19 मार्च को दक्षिण में अंकुर का पर्स छीना, तो टीटीई का सूटकेस उठा ले गए। इसी दिन गोंडवाना एक्सप्रेस में भी एमपी के मंत्री व उनकी पत्नी से भी अंगूठी व रुपये लूटे। इसी कोच में दो अन्य यात्रियों से पैसा, मोबाइल, लैपटॉप, ज्वेलरी लेकर भागे। चलती ट्रेन में वारदात और चेन पुलिंग कर फरार हो जाते हैं।
बेरोजगार वेंडरों ने
शुरू की लूटपाट
आगरा मंडल में पहले पेठा और पेड़ा की बिक्री होती थी। लंबे वक्त से ठेका नहीं उठाया गया। अवैध वेंडरों पर भी लगाम लगा दी है। बेकार बैठे इन वेंडरों में से कुछ ने चोरी, लूटपाट का धंधा अपना लिया है। कई मामलों में उनकी संलिप्तता सामने आई है।
- गोपेश खन्ना, एसपी जीआरपी