शहीद स्मारक पर बुधवार को शहर के बुद्धिजीवियों और संस्कृतिकर्मियों ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के शोध छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के लिए फासीवादी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया। कैंडल मार्च निकालकर रोहित को श्रद्धांजलि दी।
दलित साहित्य मंच, रंगलीला, इप्टा, जनसंस्कृति मंच, एआईएसएफ, शहीद भगत सिंह स्मारक समिति आदि संस्थाओं की ओर से आयोजित सभा में मुख्य वक्ता साहित्यकार मलखान सिंह ने कहा कि रोहित प्रतिक्रियावादी ताकतों और सरकार की सरपरस्ती में जारी फासीवादी मुहिम के शिकार हुए। रंगलीला के निदेशक एवं वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल शुक्ला ने कहा कि रोहित के भीतर असीम संभावनाएं मौजूद थीं। जन संस्कृति मंच के डा. प्रेमशंकर सिंह ने रोहित वेमुला के लिखे पत्र को पढ़कर सुनाया। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की किरण सिंह ने कहा कि रोहित समेत अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन के पांच छात्रों का निष्कासन विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रियावादी मानसिकता को दर्शाता है। संचालन दलित साहित्य मंच के सचिव डा. सूरज बड़तिया ने कहा कि रोहित की मौत के लिए फासीवादी साजिशें जिम्मेदार हैं। सभा में इप्टा के विजय शर्मा, रिदम संस्था के अर्जुुन सवेदियाउपेंद्र सिंह, डा. अरशद खान, योगेंद्र दुबे, डा. एचके सिंह, डा. एके सिंह, डा. कमलेश कुमारी, ब्रजराज सिंह, डा. आरके भारती ने भी विचार व्यक्त किए। सभा में छात्र-छात्राओं ने भी उपस्थित होकर कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी।
भाजपा का चेहरा बेनकाब: श्याम प्रकाश
आगरा। भारतीय अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति महासभा के संयोजक श्याम प्रकाश बोधी ने कहा कि दलित उत्पीड़न की इस घटना से राष्ट्र शर्मसार हुआ है। साथ ही भाजपा का चेहरा भी बेनकाब हुआ है।
मृतक छात्र को मिले न्याय
आगरा। एनएसयूआई ने डा. बीआरए विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस में हैदराबाद में आत्महत्या करने वाले दलित छात्र रोहित को श्रद्धांजलि दी। छात्र संघ अध्यक्ष कृष्णमणि त्रिपाठी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को सजा दिलाने की मांग की। कार्यक्रम में दुर्गेश गौतम, बिलाल, कर्मवीर रहे।