बाह: झरनापुरा गांव के दलदल में फंसी मरीज को ले जा रही बोलेरो
बाह। चंबल के बीहड़ में झरनापुरा गांव बसा है। गांव में आने-जाने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। शनिवार की दोपहर मरीज को ले जा रहा वाहन दलदल में फंस गया। करीब डेढ़ घंटे तक ग्रामीण वाहन निकालने के लिए जूझते रहे। इस दौरान मरीज की जान भी आफत में पड़ गई थी।
झरनापुर वहीं गांव है, जहां के 9 वर्षीय वीर बालक अजय राज को मगरमच्छ से अपने पिता की जान बचाने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 26 दिसंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया था। अजयराज ने बधाई देने वाले जनप्रतिनिधियों से गांव के लिए सड़क की मांग की थी, लेकिन अब तक बनी नहीं है।
गांववालों ने बताया कि हरलालपुरा से झरनापुरा तक टूटी पड़ी सड़क पर बारिश के दिनों में जलभराव और दलदल के हालात पैदा हो गए हैं। शनिवार दिन में करीब 11 बजे करीब समाजसेवी नेत्रपाल वर्मा गांव की बीमार महिला हीरा देवी को इलाज के लिए आगरा ले जा रहे थे। मरीज लेकर जा रहा वाहन दलदल में फंस गया। उन्होंने बताया ग्रामीणों की मदद से धक्के मार कर करीब डेढ़ घंटे में वाहन को दलदल से निकाला जा सका। तब कहीं जाकर मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने और गांव के अन्य लोगों ने गांव की सड़क निर्माण नहीं होने पर रोष भी जताया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क बनवाने की मांग की।
चंबल सेंक्चुअरी की अनुमति न होने की वजह से हरलालपुरा से झरनापुरा का रास्ता पक्का नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। -नीरज तिवारी, खंड विकास अधिकारी बाह