बाह। यमुना, चंबल एवं उटंगन नदियों के बीच बसी बाह तहसील के गांव पशु पालन पर आश्रित हैं। बरसात के मौसम में दुधारू गाय और भैंस पर खुरपका, मुंहपका रोग के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जिससे दुधारू पशुओं में दूध की कमी आ जाती है। बुधवार से 8 सितंबर तक चलने वाले खुरपका, मुंहपका टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी बाह डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि टीका लगवाने से दुधारू पशुओं में दूध की कमी नहीं आती, गर्भपात का भी खतरा टल जाता है।
उन्होंने बताया कि 8 सितंबर तक चलने वाले टीकाकरण अभियान की शुरुआत बाह के पशु चिकित्सालय से एसडीएम बाह विनोद कुमार करेंगे। 4 महीने से अधिक उम्र के पशुओं के टीके जरूर लगवाएं। बाह, पिनाहट एवं जैतपुर के खंड विकास अधिकारी मुनादी कराकर पशु पालकों को टीकाकरण के लिए जागरूक करेंगे। जबकि पिनाहट की पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवांगी उदैनिया फील्ड टीमों की कमान संभालेंगी। टीमें अभियान में जिन पशुओं के कानों में टैग नहीं लगे हैं, उन्हें टैग लगाकर भारत पशुधन ऐप पर पंजीकरण कराएंगी। उन्होंने सभी पशुपालकों से टीकाकरण कराने की अपील की।