उत्तराखंड में वर्तमान राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उत्तराखंड की राज्यपाल के तौर पर वो तीन साल पूरे कर चुकी हैं। बता दें कि बेबी रानी मौर्य आगरा की मेयर रह चुकी हैं। उत्तराखंड के राज्यपाल के तौर पर बेबी रानी मौर्य बीते 26 अगस्त को अपने तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं। इस अवधि में वह राज्य में महिलाओं के हितों को लेकर खासी मुखर रही हैं। महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए उन्हें सस्ते ऋण दिलाने के लिए भी उन्होंने प्रयास किए। कोरोना संकट काल में राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में आम जन तक राहत सामग्री व आक्सीजन कंसंट्रेटर पहुंचाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं
भाजपा की वरिष्ठ नेता और आगरा की पूर्व मेयर बेबी रानी मौर्य को तीन वर्ष पहले उत्तराखंड की राज्यपाल बनाया गया था। उन्होंने केके पॉल का स्थान लिया था। बेबी रानी मौर्य राज्य बाल आयोग की सदस्य रह चुकी हैं। पूर्व में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं। बेबी रानी मौर्य ने एत्मादपुर से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। हालांकि इस चुनाव में वे हार गई थीं।
आगरा के बेलनगंज में मायका और बालूगंज में ससुराल
बेबी रानी मौर्य का मायका बेलनगंज और ससुराल करिअप्पा रोड बालूगंज में है। उनके पति प्रदीप कुमार पंजाब नेशनल बैंक में डायरेक्टर एवं सीनियर मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हैं। एमए बीएड बेबी रानी मौर्य 1995 में भाजपा में शामिल हुई थीं। वो 1995 में ही भाजपा के टिकट पर आगरा की मेयर बनी थीं। वह 1997 में भाजपा के राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा की कोषाध्यक्ष थीं। उस समय रामनाथ कोविंद (वर्तमान में राष्ट्रपति) मोर्चा के अध्यक्ष थे। मौर्य 2002 में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रहीं। बेबी रानी मौर्य के पुत्र अभिनव मौर्य इंजीनियर हैं और अमेरिका में ही रहते हैं। उनकी बेटी अंजू मौर्य भी अमेरिका में ही रहती हैं। अंजू के पति अजय भी अमेरिका में इंजीनियर हैं।
उत्तराखंड: राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने दिया इस्तीफा, यूपी भाजपा में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा