मिलावटी खाद्य सामग्री के खाने से भी मधुमेह की चपेट में लोग आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन की यूपीडाकॉन-2019 में चिकित्सकों ने खेतीबाड़ी में कीटनाशक के अत्यधिक उपयोग और केमिकलयुक्त सामग्री को भी वजह माना है।
फतेहाबाद रोड स्थित होटल में श्रीनगर के डॉ. एएच जारगर ने कहा कि अब दुबले-पतले लोग भी मधुमेह की चपेट में हैं। इसकी बड़ी वजह मिलावटी भोजन और फल, सब्जी और अनाज की खेती में कीटनाशक के अत्यधिक उपयोग है। कहा कि हानिकारक तत्व शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे एंडोक्राइन सिस्टम प्रभावित हो रहा है।
रिसर्च सोसाइटी स्टडी ऑफ डायबिटीज के चेयरमैन डॉ. एनके सिंह ने बताया कि प्री-डायबिटीज में मोटापा से ग्रस्त लोग 10-15 किलो वजन कम करने पर अग्नाशय की सेल इंसुलिन बनाने लगती हैं। ऐसे में कम चिकनाई, नियमित योग और तेज गति से चलने से दवाएं नहीं लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इससे पहले पदमश्री डॉ. डीके हाजरा ने शुभारंभ किया। आयेाजन अध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी ने कहा कि नियमित व्यायाम और फास्ट फूड, चिकनाईयुक्त भोजन से दूरी बरतने पर मधुमेह से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम में सचिव डॉ. आशीष गौतम, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. बीबी माहेश्वरी, डॉ. सुनील बंसल, डॉ. निखिल पुरसनानी, डॉ. एमएल पुरसनानी, डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ, डॉ. आरआर सिंह, डॉ. अनुज माहेश्वरी, डॉ. बीके अग्रवाल, डॉ. सुनील गुप्ता ने भी व्याख्यान दिए।
60 पेपर किए गए प्रस्तुत
कार्यशाला के पहले दिन 300 चिकित्सक शामिल हुए। इसमें 60 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही जूनियर डॉक्टर और मेडिकल छात्रों के बीच क्विज भी कराई गई।