यूपी के बजट में योगीराज की नगरी मथुरा के लिए योगी सरकार ने खजाना खोल दिया है। जहां राधाकृष्ण की लीला स्थलों से जुड़ी ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के लिए पहली बार राज्य सरकार ने बड़ा बजट आवंटित किया है। वहीं मथुरा को प्रदेश की सबसे बड़ी डेयरी की सौगात भी दी है।
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विकास से लेकर शिक्षा तक में बजट आवंटित किया गया है। वृंदावन शोध संस्थान के लिए भी सरकार ने एक करोड़ का बजट जारी कर दिया है। क्योंकि संस्कृत कालेजों के लिए भी सरकार ने बजट दिया है लिहाजा मथुरा के सभी 36 इंटर और डिग्री कालेजों की स्थिति में भी सुधार हो सकेगा।
सरकार ने अपने बजट में बंद चीनी मिलों के लिए भी बजट आरक्षित किया है, जिससे छाता में बंद पड़ी चीनी मिल के शुरू होने की उम्मीद भी बढ़ गई है। वहीं आम बजट पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यह तो ट्रेलर है। देखते रहिए यूपी के विकास में क्या क्या होता है।
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125 करोड़ से संवेरगा परिक्रमा मार्ग
ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के लिए तो पहली दफा इतना बड़ा बजट रखा गया है। 125 करोड़ रुपये ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के 252 किलोमीटर के दायरे में 34 पड़ाव स्थलों की दशा सुधारने पर खर्च किए जाएंगे। जगह जगह कान्हा की लीला स्थलियों को दर्शाने वाली मूर्तियां भी लगाई जाएंगी।
प्रदेश सरकार ने कान्हा की नगरी मथुरा में प्रदेश की सबसे बड़ी डेयरी की सौगात दी है। यहां नई डेयरी के लिए 56 करोड़ रुपये योगी सरकार ने अपने तीसरे आम बजट में आवंटित किए हैं। इसका लाभ जनपद के 60 से 70 हजार किसानों को मिलेगा।
प्रदेश सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों के लिए भी बजट में प्रावधान किया है। लिहाजा माना जा रहा है कि मथुरा में छाता की बंद पड़ी चीनी मिल को भी शुरू किया जा सकता है। कई रुके प्रोजेक्ट भी अब शुरू हो जाएंगे। गोशालाओं के लिए भी बजट का आवंटन हो गया है।
मथुरा को यह मिला
- मथुरा-वृंदावन के मध्य आडिटोरियम के निर्माण को 8 करोड़।
- वृंदावन शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ का बजट।
- ब्रज तीर्थ में अवस्थापना सुविधा के लिए 125 करोड़।
- मथुरा के 36 संस्कृत कालेजों की स्थिति सुधरेगी।
- मथुरा में डेयरी निर्माण के लिए 56 करोड़ का बजट दिया।
- ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग को संवारा जाएगा।
यह तो ट्रेलर है फिल्म अभी बाकी है: श्रीकांत शर्मा
प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने योगी सरकार के बजट पर कहा कि यह तो अभी ट्रेलर है। यूपी के विकास के लिए अभी बहुत कुछ होना होगा। बजट की कहीं कोई कमी नहीं है। आम आदमी, किसान, मजदूर और नौजवान के साथ हर वर्ग का ख्याल रखा जा रहा है। चाहे बजट केंद्र का हो या यूपी सरकार का।
श्रीकांत शर्मा ने बताया कि ब्रज के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मथुरा को कई योजनाओं में स्पेशल पैकेज दिया गया है। हालांकि यह तो केवल शुरूआत है। ब्रज के विकास को आगे भी काफी बजट मिलेगा। अभी तो पूरी फिल्म ही पड़ी है। यह तो ट्रेलर मात्र है।
उधर, विपक्षी दलों के नेताओं ने योगी सरकार के बजट को मजाक बताया है। पूर्व मंत्री ठाकुर तेजपाल ने कहा कि बजट सिर्फ छलावा है। यह मजाक है कि बाबाओं के लिए 2000 रुपये पेंशन देने वाली सरकार किसानों को 500 की पेंशन में कोई इजाफा नहीं कर सकी।
उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि किसानों के बिजली बिल माफ होंगे, पुरानी आपासी माफ होगी, लेकिन कुछ भी नहीं किया है। यह तो किसान विरोधी सरकार है, जो गरीब के लिए कभी कुछ नहीं दे सकती है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि योगी सरकार ने मथुरा को लॉलीपोप थमाया है। यमुना के शुद्धिकरण, गोवर्धन परिक्रमा और वृंदावन परिक्रमा के लिए कुछ भी नहीं दिया है। पर्यटन विकास के लिए दिया गया बजट ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। डेयरी के लिए दुग्ध विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण को बधाई दी। नगर निगम में शामिल गांवों के लिए कुछ नहीं मिला।
पूर्व विधायक हुकम चंद तिवारी ने कहा कि यह आंकड़ों का बजट है। केंद्र की भांति इस बजट में भी आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। प्रदेश का 33 प्रतिशत आदमी भूखा सो रहा है, उसके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए कोई प्रस्ताव नहीं है। खेतिहर मजदूर सबसे अधिक आत्महत्या उत्तर प्रदेश में कर रहा है, इसका भी ख्याल इस बजट में नहीं रखा गया है।