दरवेश यादव की हत्या आरोपी मनीष शर्मा (फाइल)
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उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या के आरोपी मनीष शर्मा का शव रविवार शाम को रोहता स्थित घर पहुंचा। परिवार में कोहराम मच गया। इस दौरान सर्किल के फोर्स के साथ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
देर शाम ताजगंज स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार में गम के साथ गुस्सा है। परिजन केस की गहनता से जांच की मांग कर रहे हैं।
विगत 12 जून को दीवानी में वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चेंबर में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष दरवेश यादव की साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद खुद भी गोली मार ली थी। उनकी कनपटी पर गोली लगी थी।
मनीष की 22 जून को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। रविवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद शव शाम छह बजे रोहता स्थित सिल्वर सिटी कॉलोनी में लाया गया।
इस दौरान थाना सदर, रकाबगंज और ताजगंज की पुलिस फोर्स के साथ पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा, क्षेत्राधिकारी सदर भी मौजूद रहे। शव घर आते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों को रिश्तेदारों ने संभाला। इसके बाद शव ताजगंज स्थित शमशान घाट ले जाया गया। यहां भी फोर्स मौजूद रही। देर शाम अंतिम संस्कार किया गया।
परिजनों का कहना है कि तीन दिन पहले एसएसपी आफिस में तहरीर दी गई थी। सतीश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मगर, अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस केस की गहनता से जांच की जाए। क्योंकि मनीष को खुद जान का खतरा था। उसे साजिश के तहत बुलाया गया था।
चेंबर में जिस समय घटना हुई, उस समय नौ लोग मौजूद थे। पुलिस आठ चश्मदीद के बयान दर्ज कर चुकी है। अब दरवेश सिंह यादव की भतीजी कंचन यादव का बयान दर्ज करेगी। इसके लिए भतीजी को सोमवार को बुलाया गया है।
अधिवक्ता मनीष शर्मा का चार साल का बेटा कृष्णा और नौ साल की बेटी सृष्टि है। बच्चे पिता को बार-बार पूछ रहे थे। वह यही कह रहे थे कि पापा को क्या हुआ। बेटा कृष्णा ने ही पिता को मुखाग्नि दी।