कासगंज। जिले में डीएपी संकट की मार झेलने के बाद अब किसान यूरिया खाद के संकट की मार झेल रहे हैं। कड़ाके की सर्दी के बीच किसान यूरिया खाद लेने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। सहकारी समितियों पर किसानों की लंबी लंबी कतारें लगी हैं। सरावल में खाद न मिलने से नाराज किसानों ने हंगामा काटा। हंगामा होने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिस से भी किसानों की नोंकझोंक हो गई। किसान खाद की मांग करते हुए मौके पर डटे रहे।
किसानों को गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया की जरूरत है। लेकिन किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। जिससे किसान परेशान है। सिढ़पुरा क्षेत्र के ग्राम सरावल पर मंगलवार को किसान यूरिया की खरीदारी के लिए पहुंचे। दोपहर तक बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। दोपहर तक जब किसानों को यूरिया नहीं मिली तो किसान आक्रोशित हो गए। किसानों ने केंद्र पर हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा की सूचना जब पुलिस को हुई तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा किसानों को समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन सुबह से लाइन में लगे किसान पुलिस कर्मियों से नोंकझोक करने लगे। काफी देर समझाने के बाद किसानों का आक्रोश तो शांत हो गया, लेकिन वे खाद के लिए यूरिया केंद्र पर शाम तक डटे रहे। शहर के सहकारी क्रय विक्रय समिति पर भी खाद के लिए लाइनें लगी हुई थी। खाद कम होने के कारण एक आधार कार्ड पर दो बोरी ही दी जा रही थी। किसान ज्यादा खाद की मांग कर रहे थे क्योंकि दो बोरी खाद खेत के लिए पर्याप्त नहीं थी। इसको लेकर किसान नाराजगी जता रहे थे। जिले में सहावर, अमांपुर सहित कई ब्लाक क्षेत्रों में यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण किसान ठंड में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
बिना आधार कार्ड के नहीं मिलीं यूरिया
तमाम किसान बिना आधार कार्ड के ही यूरिया लेने केंद्रों पर पहुंचे। केंद्र संचालक ने बिना आधार कार्ड के किसान को यूरिया खाद नहीं दी। किसान नेम सिंह ने बताया कि उन्हें इस बात का पता नहीं था कि यूरिया की इतनी किल्लत है। वह यूरिया खाद लेने आए लेकिन आधार कार्ड न होने की वजह से उन्हें यूरिया खाद नहीं मिली। अन्य कई किसानों को भी इसी तरह मायूस होना पड़ा।