मैनपुरी। जिले में हुई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में लापरवाही बरतने पर एक केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। सचिव परीक्षा नियामक उत्तर प्रदेश के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करा दी है। परीक्षा केंद्र से परीक्षा नियामक कार्यालय को भेजे गए लिफाफे में एक परीक्षार्थी की ओएमआर शीट और कार्बन कॉपी कम निकली है।
आठ जनवरी को जिले के 28 कॉलेजों पर सुबह की पाली में प्राथमिक वर्ग शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा केंद्र जेएस मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से सचिव परीक्षा नियामक के यहां भेजी गई ओएमआर सीट और कार्बन कॉपी में एक परीक्षार्थी की ओएमआर सीट व कार्बन कॉपी कम निकली। यह कापी प्राची गुप्ता पुत्री अजय कुमार गुप्ता की है। इस पर सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश प्रयागराज ने केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक की लापरवाही मानी है। परीक्षार्थी की ओएमआर शीट और कार्बन कॉपी गायब होने के मामले में सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर जांच कराते हुए केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
दो प्रधानाचार्यों को सौंपी गई जांच
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी का पत्र प्राप्त होने के बाद प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक नाजर सिंह ने जांच शुरू कर दी है। राजकीय हाईस्कूल नगला भारा के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार व राजकीय हाईस्कूल लहरा के प्रधानाचार्य एसपी सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गहनता से जांच करते हुए केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएं। एफआईआर की कॉपी भी उपलब्ध कराएं, जिससे के सचिव परीक्षा नियामक को जानकारी भेजी जा सके।
केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक की थी जिम्मेदारी
यूपी टेट में केंद्र व्यवस्थापक व पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी थी कि वे सीसीटीवी कैमरों के आगे ओएमआर सीट की गिनती करते हुए पैकेट सील करें। कहीं न कहीं लापरवाही होने के कारण एक ओएमआर शीट गायब हुई।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश प्रयागराज के निर्देश पर दो प्रधानाचार्यों को जांच अधिकारी बनाते हुए एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं। आगे जैसे निर्देश उच्चाधिकारियों के प्राप्त होंगे उनके अनुसार कार्य किया जाएगा।
नाजर सिंह यादव, प्रभारी डीआईओएस