फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपीटीईटी में सामने आई घोर लापरवाही, केंद्र व्यवस्थापक व पर्यवेक्षक पर दर्ज होगी रिपोर्ट

Thu, 13 Feb 2020 06:52 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
मैनपुरी जिले में हुई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) में लापरवाही बरतने पर एक केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव परीक्षा नियामक उत्तर प्रदेश के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
विज्ञापन


आठ जनवरी को जिले के 28 कॉलेजों पर सुबह की पाली में प्राथमिक वर्ग शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा केंद्र जेएस मैमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से सचिव परीक्षा नियामक के यहां भेजी गई ओएमआर सीट और कार्बन कॉपी में एक परीक्षार्थी की ओएमआर सीट व कार्बन कॉपी कम निकली। 

यह कापी प्राची गुप्ता पुत्री अजय कुमार गुप्ता की है। इस पर सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश प्रयागराज ने केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक की लापरवाही मानी है। 
विज्ञापन


परीक्षार्थी की ओएमआर सीट और कार्बन कॉपी गायब होने के मामले में सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर जांच कराते हुए केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। 
विज्ञापन

दो प्रधानाचार्यों को सौंपी गई जांच 

सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी का पत्र प्राप्त होने के बाद प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक नाजर सिंह ने जांच शुरू कर दी है। राजकीय हाईस्कूल नगला भारा के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार व राजकीय हाईस्कूल लहरा के प्रधानाचार्य एसपी सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है। 

जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गहनता से जांच करते हुए केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएं। एफआईआर की कॉपी भी उपलब्ध कराएं, जिससे के सचिव परीक्षा नियामक को जानकारी भेजी जा सके। 

केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षक की थी जिम्मेदारी 

यूपीटीईटी में केंद्र व्यवस्थापक व पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी थी कि वे सीसीटीवी कैमरों के आगे ओएमआर सीट की गिनती करते हुए पैकेट सील करें। कहीं न कहीं लापरवाही होने के कारण एक ओएमआर सीट गायब हुई।

प्रभारी डीआईओएस नाजर सिंह यादव ने बताया कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश प्रयागराज के निर्देश पर दो प्रधानाचार्यों को जांच अधिकारी बनाते हुए एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं। आगे जैसे निर्देश उच्चाधिकारियों के प्राप्त होंगे उनके अनुसार कार्य किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें