आरोप लगाया कि ठेल हटाने की कहने पर संचालक ने विवाद शुरू कर दिया। दामोदर के बेटे आ गए। उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। वो थाना जगनेर में मारपीट की शिकायत लेकर पहुंचे थे। बाद में दामोदर पक्ष के लोग भी आ गए। तब एसओ साैरभ सिंह माैजूद नहीं थे। उधर, जानकारी पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष लवलेश कुमार भी पहुंच गए। कुछ देर बाद एसओ आए।
आरोप है कि भाजपा नेताओं ने ठेल विक्रेताओं पर कार्रवाई की मांग की। उधर, दूसरा पक्ष भी मुकदमा दर्ज करने की कहने लगा। विवाद को देखते हुए पुलिस ने मंडल मंत्री और ठेल विक्रेता के बेटे मानव और भाई पिंकी को थाने में बैठा लिया। पुलिस कार्रवाई का मंडल अध्यक्ष ने विरोध किया। इस पर पुलिस कर्मी और भाजपा नेताओं में विवाद होने लगा। यह देखकर पुलिस ने मंडल अध्यक्ष को भी कार्यालय में बैठा लिया।
इसकी जानकारी पर भाजपा कार्यकर्ता जुट गए। 3 घंटे बाद जिलाध्यक्ष प्रशांत पाैनिया, पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम भदाैरिया, जिला उपाध्यक्ष दिनेश गोयल, पूर्व विधायक महशे गोयल पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर लिया।
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। उन्होंने एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा पहुंच गए। उन्होंने भाजपा नेताओं से बात की। 1 घंटे तक बातचीत चलती रही। डीसीपी ने पहले जांच का आश्वासन दिया। मगर भाजपाई निलंबन की मांग पर अड़ गए।
थाने पर जमकर बवाल करने लगे। डीसीपी ने बताया कि थानाध्यक्ष सौरभ सिंह को लाइन हाजिर करने की बात कही। इसके साथ विभागीय जांच के आदेश दिए। वहीं मामले में तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, ठेल विक्रेता का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कार्रवाई की मांग की।
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