विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 के प्लान पर चर्चा के लिए शनिवार को छुट्टी के दिन नगर निगम में बुलाई गई बैठक में पार्षदों ने हंगामा किया। कारण, बैठक की अध्यक्षता करने न महापौर पहुंचीं और न ही नगर आयुक्त शामिल हुए। प्रदेश और शहर के विकास से जुड़े गंभीर विषय को लेकर खानापूर्ति से पार्षद बैठक का बहिष्कार कर चले गए।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित उत्तर प्रदेश 2047 समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान के तहत सभी जनप्रतिनिधियों और आम जनता से सुझाव देने की अपील की थी। पिछले हफ्ते सीएम ने लखनऊ से ऑनलाइन बैठक कर पार्षदों से सुझाव देने के लिए कहा था। इसी क्रम में जब शनिवार को बुलावा आया तो शरद चौहान, रवि बिहारी माथुर, राकेश जैन, बद्री प्रसाद, प्रवीना रजावत, गौरव शर्मा, मुन्ना प्रजापति समेत करीब 30 पार्षद बैठक में शामिल होने पहुंच गए।
व्हॉट्सएप के जरिये मिले पत्र में बैठक की अध्यक्षता महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह के करने की बात लिखी गई थी। हालांकि बैठक शुरू हुई तो डायस पर महापौर व नगर आयुक्त की कुर्सी पीछे थी। उप नगर आयुक्त सविता सिंह व सहायक नगर आयुक्त श्रद्धा पांडेय ने जैसे ही मंच संभाला तो पार्षद भड़क गए।
उन्होंने बैठक के नाम पर हो रही खानापूर्ति पर नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री देश व प्रदेश के विकास की बात कर रहे हैं और अफसर उनके उद्देश्य का मजाक बना रहे हैं। नाराजगी के बाद सभी पार्षद बैठक छोड़कर चले गए।