उत्तर प्रदेश के आगरा में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में एक शिकायत की है। इसमें उन्होंने हाईवे पर एलिवेटेड ट्रैक के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने में देरी की बात कही। कहा है कि इससे एलिवेटेड ट्रैक के लिए बैकअप कार्य भी बंद है। प्रोजेक्ट में देरी हो रही है।
उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि मेट्रो ट्रेन का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। एमजी रोड से होते हुए हाईवे से होकर गुजरेगा। 15 किमी के ट्रैक में 14 स्टेशन हैं। इसके अलावा पहले कॉरिडोर के आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा स्टेशन भी एलिवेटेड हैं। इसके लिए बैकअप कार्य भी बंद है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से हाईवे पर निर्माण के लिए एनओसी मांगी है। लंबा वक्त गुजरने पर भी एनओसी नहीं दी गई है। एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर एनओसी जल्द देने के लिए कहा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
रिपोर्ट प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) पर साझा की है, इसकी निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय से होती है। एनएचएआई के घटना प्रबंधक नरेंद्र चौधरी का कहना है कि यूपीएमआरसी निर्माण के लिए जरूरी मानक और शर्तों का पालन नहीं कर रही है। इस वजह से एनओसी जारी नहीं हो सकी है।
फ्लाईओवर पर अटकी एनओसी
एनएचएआई ने सिकंदरा गुरु का ताल क्षेत्र को ब्लैक स्पॉट माना है। यहां कई हादसे हुए हैं। इसमें जानें गई हैं। ऐसे में यहां एनएचएआई की फ्लाईओवर या अंडरपास निकालने की योजना है। एलिवेटेड ट्रैक बनने के बाद ये दोनों विकल्प नहीं रहेंगे। इस मसले पर दोनों ओर के अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है। यूपीएमआरसी का तर्क है कि बीते 10 साल से एनएचएआई ने इस योजना पर कार्य नहीं किया। अब मेट्रो परियोजना में अनावश्यक देरी की जा रही है।
देरी से लोगों को होगी परेशानी
मेट्रो का संचालन शहर में 29.4 किमी के विस्तार क्षेत्र में होगा। अभी ताज पूर्वी से मन:कामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो का संचालन हो रहा है। दोनों कॉरिडोर बनाने का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक है। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण में देरी होने से प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो पाएगा, लोगों को भी परेशानी होगी। हालांकि गुरु का ताल पर हाईवे-अंडरपास बनने से भी लोगों को राहत होगी।