‘यूपी प्रवासी दिवस’ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का तो प्रदर्शन होगा ही प्रदेश के करीब 63 विभाग और कई औद्योगिक घरानों की उपलब्धियों के जरिए समृद्धि की झलक प्रस्तुत की जाएगी। ये विभाग अपनी विकास यात्रा और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत करेंगे। इसमें शिक्षा, चिकित्सा, विकास, उद्योग, यातायात संबंधी योजनाएं प्रदर्शित होंगी। ताकि प्रवासी भारतीयों में विश्वास पैदा हो सके कि निवेश के लिए उत्तर प्रदेश से बेहतर स्थान है।
आगरा-एक्सप्रेस वे और मेट्रो
प्रदर्शनी में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, लखनऊ, नोएडा और ग्रेटर नोएडा मेट्रो के बारे में जानकारी दी जाएगी। आगरा के इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट पर एडीए का स्टॉल होगा। कानपुर की ट्रांसगंगा सिटी, इलाहाबाद की सरस्वती नालेज सिटी, जालौन तथा अन्य स्थानों पर सोलर पार्कों के अलावा लखनऊ व कानपुर में डेयरी प्लांट की स्थापना, ऑटोमोटिव, केमिकल्स, कानपुर व आगरा के चर्म उद्योग और फीरोजाबाद का कांच उद्योग संबंधी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
शिक्षा में तरक्की की झलक
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपलब्धियों को दर्शाया जाएगा। मेदांता लखनऊ व नोएडा फोर्टीस नोएडा, ग्रेटर नोएडा व लखनऊ अस्पतालों की स्थापना के साथ अन्य अंतर्राष्ट्रीय समूहों की उच्चस्तरीय मेडिकल सुविधाओं और राज्य सरकार द्वारा लखनऊ में किए जाने वाले कैंसर अस्पताल की स्थापना संबंधी जानकारी मिलेगी। इनके अलावा एमिटी, शारदा तथा जयपुरिया जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं में नई सुविधाओं और इनकी उपलब्धियों का भी परिचय मिलेगा।
यूपी बन रहा आईटी हब
प्रवासी भारतीयों को बताया जाएगा कि सूचना क्रांति के क्षेत्र में प्रदेश देश के चुनिंदा राज्यों में से एक है। लखनऊ की आईटी सिटी, आईटी विशेष आर्थिक परिक्षेत्र, नोएडा व ग्रेटर नोएडा औद्योगिक शहर और इलेक्ट्रानिक हब के रूप में दर्शाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में प्रमुख आईटी कंपनियों जैसे टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, एनआईआईटी, एचसीएल, एसटी माइक्रो इलेक्ट्रानिक्स, एडोब, फ्रीस्केल की मौजूदगी के साथ एक्सपोर्ट प्रोेसेसिंग जोन तथा आईटी सेक्टर की तेजी से बढ़ती प्रगति के साथ नोएडा के मीडिया हब के संबंध में भी जानकारी उपलब्ध होगी।