कासगंज। फसल के उत्पाद के बाद उसका असुरक्षित भंडारण से लगभग 10 फीसदी तक कीड़े, सूक्ष्म जीव आदि से नुकसान हो जाता है। किसानों को इस नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग ने सुरक्षित अनाज के भंडारण के लिए एडवाइजरी जारी की है।जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने बताया कि भंडारित अन्न में 10 प्रतिशत से अधिक नमी होती है तो कीट और फफूंद लग सकते हैं। ऑक्सीजन की अच्छी उपलब्धता से भी कीटों की संख्या बढ़ती है। 25-27 डिग्री तापमान कीटों के बढ़ने के लिए उपयुक्त होता है। ऐसे में सूड़ी, छोटा पतंगा आदि कीटों से बचाव के लिए भंडार से पहले अनाज को पूरी तरह से सुखा लें। जिस गोदाम, कुठला, भंडार गृह में भंडारण करना है, उसकी अच्छी तरह से सफाई कर सूखा लें। चूहे, कीट या नमी का प्रवेश की गुजांइश न रहे। मैलाथियान 50% ईसी की 1:100 के अनुपात मे घोल बना कर 3 लीटर/100 वर्गमीटर की दर से फर्श, दीवार एवं छत पर छिड़काव करने से छिपे हुए कीट मर जाते है। अनाज का भंडारण कुठलों या बखारी में करना है तो एल्यूमिनियम फासफाइड पाउडर 56% 10 ग्राम पैकिंग की एक पाउच को एक टन अनाज के बीच में रखना चाहिए। कुठला/बखारी को पूरी तरह से वायुरोधी कर देना चाहिए। भंडारण पात्रों की पेंदी में, बीच-बीच में एवं अनाज के साथ नीम की सूखी पत्तियां रखने पर कीट का प्रकोप नहीं होता है। बीज में प्रयोग हेतु भंडारित किए जाने वाले अनाज को मेलाथियान 5% पाउडर-250 ग्राम प्रति क्विंटल की दर से मिलाकर भंडारित करना चाहिए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने अनाज का भंडारण एडवाइजरी के अनुसार करने की सलाह दी है।