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यूपी में सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा खुलासा, उच्चस्तरीय जांच की मांग की

Mon, 21 May 2018 09:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
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प्रदेश में सहायक शिक्षकों की भर्ती में बड़े घपले की आशंका जताई जा रही है। इस भर्ती में बीटीसी और टीईटी के फर्जी प्रमाण पत्र लगाए गए हैं। मथुरा में ही अब तक 35 शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी मिल चुके हैं। डायट प्राचार्य ने भी उच्च स्तरीय जांच की मांग शासन से की है।
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उत्तर प्रदेश में 12460 सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई है। मथुरा में सामने आए एक बड़े जालसाजी के नेटवर्क ने इस भर्ती प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। तमाम शिक्षकों के बीटीसी के प्रमाण पत्र ही फर्जी पाए गए हैं। 

डायट में हुई जांच से इसका खुलासा हो रहा है। मथुरा 216 शिक्षकों की भर्ती हुई, जिसमें अभी तक सभी के बीटीसी और टीईटी के प्रमाण पत्र चेक किए गए हैं। इनमें 35 के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। 
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बताया जाता है कि इस जालसाजी के पीछे मथुरा का पूरा गिरोह है। इस गिरोह ने शिक्षक भर्ती के लिए युवकों से मोटी रकम ली और उनके फर्जी प्रमाण पत्र बनवा डाले। 

मथुरा के इस गिरोह द्वारा  500 से भी ज्यादा प्रमाण पत्र बनाने की जानकारी मिल रही है। यह प्रमाण पत्र प्रदेश भर में बेचे गए हैं। इन सभी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल शिक्षक भर्ती में हुआ है।
 
मथुरा डायट के प्राचार्य डॉ. मुकेश अग्रवाल का कहना है कि डायट के नाम से भी फर्जी प्रमाण पत्र जारी हुए हैं जो पकड़ में आ गए हैं। इस सिलसिले में कार्रवाई की जा रही है।

इस पूरे प्रकरण में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आ रही है। शिक्षा विभाग ने इनके प्रमाण पत्रों के भी पास कर दिया था। सत्यापन रिपोर्ट भी ओके की लगा दी थी। मथुरा में भी इसकी जांच शुरू करा दी गई है।
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