मथुरा में शिक्षक भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड आलोक उपाध्याय को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। आलोक मांट के पूर्व माध्यमिक स्कूल में सहायक अध्यापक है। वो पिछले चार महीने से फरार चल रहा था। एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि आलोक ने कई लोगों से पैसे लेकर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमाए थे।
मथुरा में एसटीएफ ने 20 जून 2018 को बड़े शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा किया था। इस खुलासे में 110 फर्जी शिक्षक पाए गए थे। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। आलोक उपाध्याय के खिलाफ भी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज थी, लेकिन वह एसटीएफ के हत्थे नहीं चढ़ा था।
आलोक लंबे समय तक शिक्षक नेता भी रहा है। एसटीएफ ने शनिवार को उसे पुराना बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद उससे कोतवाली में घंटों पूछताछ की गई। एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि शिक्षक भर्ती घोटाले में आलोक उपाध्याय मास्टरमाइंड है।
उसने कई लोगों से पैसे लेकर उन्हें फर्जी शिक्षक का ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया था। जब खुलासा हुआ तो वह भाग निकला। वो मांट के पूर्व माध्यमिक स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। उससे पूछताछ के बाद जो नेटवर्क सामने आया है उसके आधार पर कई अन्य पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है।