एटा में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक समायोजित शिक्षामित्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अपना मानदेय और एरियर ने मिलने से परेशान थे। मामले में शिक्षामित्र संघ के नेताओं ने बीएसए पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी जबरन मानदेय रोके हुए हैं।
एटा के शिक्षामित्र मनमोहन सिंह पुत्र पूरन सिंह यादव अवागढ़ के प्राइमरी स्कूल में तैनात थे। उन्होंने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे शिक्षामित्र संघ के नेताओं ने बताया कि जिले में शिक्षामित्रों को कई महीने से मानदेय और एरियर नहीं दिया गया है। इस कारण शिक्षामित्र आर्थिक तंगी का शिकार हैं।
मनमोहन सिंह भी मानदेय और एरियर न मिलने से परेशान थे। परेशानी के चलते ही उन्होंने ये कदम उठाया है। शिक्षामित्र एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि हम लोग कई बार मानदेय के भुगतान को लेकर बीएसए से लेकर डीएम तक से मांग कर चुके हैं। लेकिन अधिकारी जबरन मानदेय जारी नहीं कर रहे।