उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में चालक, परिचालक और कार्यशाला कार्मिकों को ड्यूटी पर वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया है। जो कर्मचारी बिना वर्दी के ड्यूटी करेंगे, उनसे जुर्माना वसूल किया जाएगा। इस आदेश से कर्मचारियों में रोष है।
परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक विनीत सेठ ने कार्यशालाओं में कार्यरत कर्मचारियों के अलावा चालक, परिचालकों को वर्दी और जूते में ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं। वर्दी नहीं पहनने वाले कर्मचारियों को पहली बार उल्लंघन पर 50 रुपये, दूसरी बार पर 250 रुपये और तीसरी बार पर 500 रुपये तक का जुर्माना देना होगा।
परिवहन निगम के अधिकारी इनकी वर्दी चेक करेंगे। वहीं इस आदेश से रोजवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद व यूपी रोडवेज एंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने रोष जताया है।
परिषद के क्षेत्रीय मंत्री चंद्रहंस का कहना है कि तीन साल से वर्दी नहीं मिली है। ऐसे में इस तरह का आदेश व्यवहारिक नहीं है। इस संबंध में यूनियन के नेताओं ने प्रदेश स्तर पर नई वर्दी नहीं मिलने तक ढील देने की मांग की है। उनका कहना है कि अधिकारियों ने फिलहाल वर्दी नहीं पहनने पर जुर्माने पर रोक लगा दी है।
बता दें आदेशानुसार वर्दी मद में दो हॉफ शर्ट के लिए 4.5 मीटर, एक हॉफ शर्ट के लिए 2.5 मीटर, दो पैंट 2.5 मीटर कपड़ा और 500-500 रुपये तीन शर्ट व दो पैंट की सिलाई के मद में मुहैया कराए जाने हैं।