अखिलेश यादव के हालिया बयान के विरोध में रालोद कार्यकर्ताओं ने किरावली बाईपास चौराहे पर प्रदर्शन कर उनका पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने बयान को चौधरी चरण सिंह और जाट समाज का अपमान बताते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव में जवाब देने का आह्वान किया।
आगरा में सोमवार को किरावली बाईपास चौराहे पर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के कार्यकर्ताओं ने सपा मुखिया अखिलेश यादव के हालिया 'चवन्नी' वाले बयान के विरोध में उनका पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने सपा नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बयान पर नाराजगी जताई।
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रालोद कार्यकर्ताओं ने कहा कि विरासत में मिली सत्ता पर गुरूर करने वालों को उस दौर को याद करना चाहिए, जब उनके पिता ने चौधरी चरण सिंह का समर्थन प्राप्त कर प्रदेश की राजनीति में अपना स्थान बनाया था। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आज उन्हीं चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और उनके परिवार को लेकर टिप्पणी करना रालोद ही नहीं, बल्कि जाट समाज का भी अपमान है।
जिलामहासचिव सन्तोष चाहर ने कहा कि जाट समाज आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगा। उन्होंने आह्वान किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेशभर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को सबक सिखाया जाए। हालांकि, यह उनके राजनीतिक कार्यकर्ताओं का दावा और आह्वान है। पुतला दहन के दौरान रालोद जिला संयोजक राकेश चौधरी, जिला महासचिव संतोष चाहर, वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिगरवाल, भूपेंद्र इंदौलिया, गंगाराम माहौर, पुष्पेंद्र चाहर, सुरेंद्र चाहर, सचिन चाहर, तिरलोकी चाहर, शिवा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।