आगरा के थाना एत्मादपुर क्षेत्र के गांव धौर्रा निवासी दरोगा संजय कुमार यादव का बुधवार को उनके पैतृक गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। बुलंदशहर में चेकिंग के दौरान दरोगा को डंपर ने टक्कर मार दी थी। हादसे में उनकी जान चली गई। पोस्टमार्टम के बाद शव बुधवार शाम को ही पैतृक गांव लाया गया। अंतिम सलामी दिए जाने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। दरोगा की मौत से गांव में मातम पसर गया। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
1995 में पुलिस में हुए थे भर्ती
पिता पुरुषोत्तम यादव ने बताया कि उनके तीन बेटों में सबसे बड़े 45 वर्षीय संजय 1995 में पुलिस में भर्ती हुए थे। संजय की पत्नी कुसुम व बेटा पंकज व बेटी प्रतिभा के साथ टूंडला में रहती हैं। बेटा बीएससी और बेटी दसवीं में पढ़ती है। वहीं घटना की जानकारी होते ही पत्नी कुसुम, मां रामरती समेत परिवार के सभी लोग बिलख पड़े। मां और पत्नी की तो रो-रोकर हालत खराब है। पत्नी औव भाई भागकर बुलंदशहर पहुंचे, जहां से वे भी गांव वापस आ गए।
रात में हुआ अंतिम संस्कार
इसके बाद रात करीब 10 बजे गमगीन माहौल में दरोगा की अंतिम यात्रा गांव के श्मशान घाट पर पहुंची, जहां जिला मुख्यालय से आई सलामी गारद ने दरोगा को अंतिम सलामी दी। इसके बाद बेटे ने अश्रुपूरित नेत्रों से पिता की चिता को मुखाग्नि दी। पिता ने बताया कि संजय कुमार यादव के दो भाई बृजेश यादव व जय प्रकाश गांव में रहते हैं, जो खेती करते हैं।