उत्तर प्रदेश के एटा जिले में नाबालिग किशोरी की बरामदगी के बाद एक दारोगा पर दुष्कर्म के आरोप वाले मामले में पीड़ित पक्ष को धमकियां मिल रही हैं। पिता का कहना है कि जान का खतरा है। जिला स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है, अपनी फरियाद लेकर लखनऊ में सीएम योगी के पास जाएगा।
कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत 25 मई को शहर की एक लड़की को तीन लोग भगाकर ले गए थे। 13 दिन तक उसे किसी गांव में रखकर दो युवकों ने दुष्कर्म किया। आरोप है कि पुलिस ने बरामद किया तो विवेचना कर रहे दारोगा विजय सिंह ने एक रात अपने कमरे में रखकर दुष्कर्म किया। शनिवार को किशोरी के पिता ने मुख्यमंत्री सहित राष्ट्रीय व राज्य महिला आयोग को शिकायती पत्र भेजकर दारोगा पर कार्रवाई की मांग की। रविवार को मुख्यमंत्री के एटा आगमन के दौरान किशोरी को लेकर उसके पिता ने उनसे मिलने का मन बनाया। लेकिन घर पर पुलिस तैनात कर परिजन को नजरबंद कर दिया गया।
घर में कर दिया गया था नजरबंद
मुख्यमंत्री के जाने के बाद पुलिस हटाई गई। सोमवार को पिता ने बताया कि मामला उछलने के बाद पुलिस व अन्य लोगों के लगातार फोन आ रहे हैं। आरोप वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, धमकियां दी जा रही हैं। आला अधिकारी भी कुछ नहीं कर रहे। लगता है जिला स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी जाएगी और उन्हें न्याय नहीं मिल पाएगा।
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मुख्यमंत्री को बताएंगे अपनी पीड़ा
पीड़ित पिता ने बताया कि अब लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा बताएंगे। उधर, इस मामले की जांच सीओ सिटी राजकुमार सिंह को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। पीड़ित को बुलाकर बयान दर्ज करेंगे। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।