यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 28 केंद्रों पर परीक्षा हुई, लेकिन 5863 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। बायोमेट्रिक और सख्त जांच प्रक्रिया के बाद भी उपस्थिति कम देखने को मिली।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ की ओर से आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। 28 केंद्रों पर परीक्षा के लिए सुरक्षा के त्रिस्तरीय इंतजाम रहे। कर्मचारियों की भी जांच की गई। बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया गया। पहले ही दिन 5863 लोगों ने परीक्षा छोड़ दी।
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परीक्षा केंद्रों का पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और जिलाधिकारी मनीष बंसल ने निरीक्षण किया। पहली पाली में 2953 और दूसरी में 2910 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह 25,536 के स्थान पर 19,673 अभ्यर्थी ही शामिल हुए। परीक्षा ड्यूटी में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। सुबह 10 से 12 बजे की पहली पाली में 12,768 अभ्यर्थियों को शामिल होना था लेकिन 9815 अभ्यर्थी ही आए। दोपहर 3 से 5 बजे की दूसरी पाली में 9858 आए।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेशपत्र दिखाने पर ही प्रवेश मिला। इसके बाद तलाशी ली गई। जूते-बेल्ट तक उतरवा दिए गए। निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की गई। बायोमेट्रिक सत्यापन और रेटिना जांच के बाद ही कक्ष में जाने दिया गया। यहां पर भी परीक्षार्थियों को चेक करने के बाद प्रश्नपत्र दिया गया। परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश द्वार पर ग्रीन नेट लगवाया गया था। पानी के भी इंतजाम किए गए। मंगलवार और बुधवार को भी परीक्षा होगी।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
जिलाधिकारी मनीष बंसल और मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय समेत कई केंद्रों का जायजा लिया। सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, कक्ष में बैठने की व्यवस्था देखी। वहीं पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने सेंट जोंस कॉलेज और आगरा कॉलेज केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था परखी। परीक्षा छूटने के बाद यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए थानों को निर्देश दिए।
फुटपाथ पर बैठकर किया इंतजार
परीक्षार्थियों के साथ उनके परिजन भी आए थे। इसके अलावा एक ही घर या परिवार से आए, दोस्त या मोहल्ले व गांव के अभ्यर्थियों में किसी की परीक्षा सुबह तो किसी की शाम की पाली में थी। इस पर साथ आए लोग केंद्रों के बाहर फुटपाथ पर बैठकर इंतजार करते रहे। भीषण गर्मी से वे बेहाल दिखे।