आगरा में ऑटो और ई-रिक्शा में जेबकटी करने वाले गिरोह के एक बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस ने अनोखा तरीका अपनाया। इसके लिए थाना हरीपर्वत के एक सिपाही को तीन दिन ई-रिक्शा चलाना पड़ा। शुक्रवार को उनके रिक्शा में बैठे एक बुजुर्ग की जेब काटने पर सिपाही ने आरोपी शंकर को रंगेहाथ पकड़ लिया। जब रिक्शा चला रहे सिपाही की असली पहचान सामने आई तो लोग दंग रह गए।
सवारी वाहनों में लूट-जेबकटी की शिकायतों पर पुलिस एमजी रोड पर गिरोह की तलाश कर रही थी। सिपाही गौतम को ई-रिक्शा का चालक बनाया गया। वो संजय प्लेस से लोहामंडी तक ई-रिक्शा चलाते। अन्य चालकों से बातचीत में संदिग्धों के बारे में पूछते। शुक्रवार को संजय प्लेस से हरीपर्वत चौराहे के लिए बुजुर्ग सवारी उनके ई-रिक्शा में बैठी। उसके बराबर में एक व्यक्ति अपने पैरों पर थैला रखकर बैठ गया। उसने बुजुर्ग की जेब काट ली। बुजुर्ग के शोर मचाने पर सिपाही ने पकड़ लिया। उसके पास से 65 हजार रुपये बरामद हो गए।
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ई-रिक्शा चला रहा सिपाही
- फोटो : अमर उजाला
रिक्शे में जिस बुजुर्ग की आरोपी ने जेब काटी थी, वो एक कपड़ा शोरूम में काम करते हैं। उनकी बेटी की शादी होने वाली है। वो फंड से रकम निकालकर आ रहे थे। सिपाही के पकड़ने पर वो डर गए। उन्हें लगा कि सिपाही भी जेबकतरे का साथी है। थाने पहुंचने पर उनका डर मिटा। बुजुर्ग ने आरोपी के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया।
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सिपाही गौतम
- फोटो : अमर उजाला
थाना हरीपर्वत में पूछताछ में आरोपी ने पहले अपना नाम संजय गिहारा निवासी पुरवा, थाना बिंदकी, फतेहपुर बताया। पुलिस को शक हुआ तो सख्ती की तो अपना असली नाम शंकर निवासी रामनगर गिहार बस्ती, थाना छिबरामऊ, कन्नौज बताया। पुलिस से गैंग के बारे में पूछने पर बीमारी का बहाना बनाने लगा।
इन बातों का रखें ध्यान
- ऐसे वाहन में न बैठें, जिसमें अधिक सवारी हो।
- किसी के हाथ में थैला लगा है तो उसे पैरों पर नहीं रखने दें।
- साफी और अखबार भी नहीं होना चाहिए। अगर, कोई इनको निकाले तो सतर्क हो जाएं।
- रुपये इस तरह से जेब में न रखें कि बाहर से नजर आ जाएं।
- अचानक ऑटो और रिक्शा रोककर कोई जाता है तो रोक लें।
- जिस जेब में रुपये हैं, उसे देखते रहें।
(जैसा एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया)