मृतक सिपाही घनश्याम सिंह का फाइल फोटो
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मथुरा हाइवे थाने की बैरक में सोमवार रात हेड कांस्टेबल ने कनपटी पर तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सदर बाजार थाने की सिविल लाइन चौकी पर तैनात सिपाही ड्यूटी समाप्त होने के बाद बैरक में पहुंचा था। इस घटना से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों की मौजूदगी में मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
एटा के गांव मरगोजिया निवासी हेड कांस्टेबल घनश्याम सिंह (45) करीब दस वर्ष से मथुरा में तैनात थे। वर्तमान में ड्यूटी थाना सदर बाजार की चौकी सिविल लाइन में थी। सोमवार रात थाने पर ड्यूटी खत्म करके करीब 8.15 बजे हाइवे थाने की बैरक में पहुंचे।
वह बैरक में ही रहते थे। रात करीब 11.15 बजे जैसे ही बैरक की लाइट बंद हुई तो तमंचा से कनपटी पर गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर बैरक में मौजूद पुलिसकर्मियों ने लाइट जलाकर देखा तो घनश्याम जमीन पर पड़े थे।
पुलिसकर्मियों ने हाइवे थानाध्यक्ष पोसीराम शर्मा तथा अन्य अधिकारियों को सूचित किया। मौके पर सदर थानाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, एसपी सिटी अशोक कुमार भी पहुंच गए। घटना की सूचना परिजनों को दी गई।
परिजन सुबह होने तक हाइवे थाने की बैरक पहुंच गए। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। इस संबंध में एसपी सिटी ने बताया कि हेड कांस्टेबल द्वारा आत्महत्या किए जाने के कारणों की जानकारी की जा रही है। आत्महत्या में प्रयुक्त तमंचा को सील कर दिया गया है।
चौकी सिविल लाइन पर रहती थी ड्यूटी
आत्महत्या करने वाले सिपाही घनश्याम सिंह की ड्यूटी थाना सदर बाजार की पुलिस चौकी सिविल लाइन पर रहती थी। चौकी इंचार्ज कुलवीर सिंह ने बताया कि घनश्याम सिंह पिछले कुछ दिनों से शांत रहते थे कभी किसी बात पर चर्चा नहीं की। सोमवार रात करीब 8 बजे ड्यूटी समाप्त करके वह थाना हाइवे की बैरक के लिए रवाना हुए थे।
सूचना मिलते ही पहुंचे परिजन
आत्महत्या करने की सूचना मिलते ही घनश्याम की पत्नी, भाई, दो बेटे तथा अन्य लोग मथुरा आ गए। घटना से हतप्रभ परिजनों ने भी आत्महत्या पर आश्चर्य जताया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस ने दी सलामी
आत्महत्या करने वाले सिपाही को सम्मान के साथ सिविल लाइन में सलामी दी गई, जिसमें सभी अधिकारी मौजूद रहे।
पोस्टमार्टमगृह किया जा रहा सैनिटाइज
कोरोना को लेकर सर्वाधिक परेशानी पोस्टमार्टमगृह पर हो रही है। पोस्टमार्टमगृह पर आने वाले प्रत्येक शव को पहले कई दिन तक रखना होता है। जब उसकी कोरोना संबंधी जांच आ जाती है तो चिकित्सकों द्वारा उसी हिसाब से पोस्टमार्टम किया जाता है। आत्महत्या करने वाले सिपाही के पोस्टमार्टम में इसे लेकर काफी देरी भी हुई। बार-बार पोस्टमार्टमगृह को सैनिटाइज कराया जा रहा है।