पंचायत चुनाव में जीत का प्रमाण पत्र लेतीं नन्ही देवी
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पति ने जो सपना देखा, उसे नन्नी देवी ने पूरा कर दिखाया। प्रधान पद पर प्रत्याशी के रूप में उनके पति की मौत हो गई। तो नन्नी देवी स्वयं चुनावी मैदान में उतर आईं। पांच पुरुष प्रत्याशियों की चुनावी रणनीतियां उनके सादगी भरे प्रचार के आगे ढेर हो गईं। मंगलवार को हुई मतगणना में वह विजयी घोषित की गईं।
सामान्य कार्यक्रम के तहत इस ग्राम पंचायत में भी 19 अप्रैल को मतदान कराया जाना था। यहां कुल छह प्रत्याशी प्रधान पद के लिए खड़े थे। 17 अप्रैल को प्रत्याशी रामनिवास की मौत हो गई। इस कारण मतदान स्थगित करा दिया गया। नए सिरे से नामांकन हुए। रामनिवास की पत्नी नन्नी देवी ने दावेदारी पेश की। 1 मई को चुनाव चिन्ह मिला और 9 मई को मतदान तय था। केवल सात दिन का समय प्रचार के लिए मिला।
इस बीच उन्होंने महिलाओं को सहानुभूति के साथ जोड़ा तो पुरुषों को भी गांव के विकास के लिए अपनी योजनाएं समझाईं। मतदाताओं ने उनका साथ दिया। मंगलवार को सकीट ब्लॉक में हुई मतगणना के दौरान उन्हें सर्वाधिक 306 वोट मिले। निकटतम प्रतिद्वंदी के रूप में नंदकिशोर को 285 मत हासिल हुए।
दोपहर से पहले ही परिणाम घोषित कर दिए गए। रिटर्निंग अधिकारी बीएसए संजय सिंह ने नन्नी देवी को जीत का प्रमाण पत्र दिया। जीत के बाद नन्नी देवी का कहना था कि ग्राम पंचायत में विकास और योजनाओं के अच्छी तरह संचालन के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगी।
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