दरअसल, अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच तेल और अन्य उत्पादों के आयात में आ रही मुश्किलों और दरें बढ़ने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से खर्च में कटौती की अपील की थी। इसी के बाद योगी सरकार के दो मंत्रियों ने उसपर अमल शुरू कर दिया है। मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्वदेशी अपनाना बेहद जरूरी है। मंत्री ने घोषणा की कि वह सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट या मेट्रो का उपयोग करेंगे।
इसके साथ ही आगामी अति आवश्यक कार्यक्रमों को छोड़कर अधिकांश विभागीय बैठकें और कार्य वर्क फ्रॉम होम के तहत वर्चुअल माध्यम से ही संचालित करेंगे। वहीं, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी ने बताया कि उन्होंने महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के प्रमुख सचिव को भी निर्देश दिए हैं कि प्रदेश स्तरीय बैठकों को वर्चुअल माध्यम से लिया जाए। साथ ही पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम जनता से भी अपील की है कि वह भी ईंधन की खपत को कम करें और आवश्यकता पड़ने पर ई-वाहनों का उपयोग कर देश को मजबूती प्रदान करें।
सिर्फ गंतव्य जिले में लेंगे एस्कॉर्ट
होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि अपने वाहन के साथ वह सिर्फ एक गाड़ी लेकर चलेंगे। उदाहरण देकर बताया कि आगरा से लखनऊ जाने के दौरान हर जिले की पुलिस या अधिकारी मंत्रियों को एस्कॉर्ट करते या साथ चलते हैं। ऐसे में उन्होंने सभी जिलों के डीएम व एसपी को निर्देश दिए हैं कि उन्हें सफर के दौरान एस्कॉर्ट देने के नाम पर हो रहे खर्च को बंद किया जाए। कहा कि सिर्फ जिस जिले में कार्यक्रम है, सुरक्षा दृष्टिगत सिर्फ वहीं पर एस्कॉर्ट स्वीकार करेंगे।