बेटी की शादी में बैंक से लोन लेने गए। मगर, बैंक कर्मियों ने 50 हजार का लोन देने से मना कर दिया। सब को लोन मिल सकता है, पर हमें क्यों नहीं ? थानों में बैठने तक की व्यवस्था नहीं होती। आमद के लिए परेशान किया जाता है। यह पीड़ा रविवार को कारागार एवं होमगार्ड राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति के सामने होमगार्डों ने सीधे संवाद के दौरान बताईं। यह बताते हुए कुछ भावुक भी हो गए।
रविवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में होमगार्डों के साथ सीधे संवाद से पहले पिछले दिनों दिवंगत हुए दो होमगार्ड के लिए श्रद्धांजलि स्वरूप दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद होमगार्ड की समस्याएं सुनीं गईं। कारागार एवं होमगार्ड राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने उनकी समस्याओं के निदान का आश्वासन देते हुए कहा कि सौ दिन के प्लान में सब कुछ तय किया जा चुका है।
थानों में होमगार्डों के लिए अलग से बैठने, पानी और आराम की व्यवस्था होगी। विभाग में महिला होमगार्ड की संख्या बढ़ाई जाएगी। सेवानिवृत्ति पर सम्मान किया जाएगा। आर्थिक मदद के लिए कवायद होगी। 112 का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें महिला होमगार्ड की भर्ती होगी।
यह बताईं समस्याएं
- महिला होमगार्ड ने बैठने की उचित व्यवस्था करने को कहा।
- बाहरी ड्यूटी पर मात्र 30 रुपये ही मिलने को कम बताया।
- दुर्घटना का शिकार होने पर पुलिस विभाग की तरह जल्द मदद की मांग।
- मृतक आश्रित पर तुरंत भर्ती करने और पीएफ भुगतान में किसी तरह की अड़चन न होने की शिकायत की।
यह रहे उपस्थित
कार्यक्रम में शिव कुमार प्रजापति, दिनेश प्रजापति, मंडलीय कमांडेंट अनिल कुमार सिंह, मंडलीय कमांडेंट प्रशिक्षण केंद्र आगरा अमित कुमार मिश्रा, जिला कमांडेंट होमगार्डस संतोष कुमार, जेएसओ होमगार्डस मुख्यालय लखनऊ मनोज कुमार, निजी सहयोगी अंकित राठौर सहित अन्य होमगार्ड मौजूद रहे।