यूपी के मैनपुरी में सरकार की ओर से चलाई जा रही शादी अनुदान योजना में धांधली की कोशिश का खुलासा हुआ है। मैनपुरी में बेटी की शादी के अनुदान के लिए गलत दस्तावेज बना दिए। तीन स्तर पर सत्यापन के बाद करीब 194 आवेदन निरस्त किए गए हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही 20 हजार रुपये की शादी अनुदान योजना में फर्जीवाड़े की कोशिश का खुलासा हुआ है।
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ब्लॉक, तहसील और विभागीय स्तर पर चले तीन चरणों के सत्यापन के दौरान फर्जी दस्तावेज लगाने और गलत तरीके से किए गए 194 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं।
मैनपुरी जिले में योजना के तहत इस वर्ष सितंबर माह तक पात्र पाए गए कुल 552 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 10 लाख 40 हजार रुपये की अनुदान राशि वितरित की गई है।
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जांच में 80 आवेदनों में गड़बड़ी पाई गई
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अनुसार, इस वर्ष शादी अनुदान योजना के तहत करीब 909 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनका ब्लॉक और तहसील स्तर पर सत्यापन किया गया। ब्लॉक स्तर पर हुई जांच में 80 आवेदनों में गड़बड़ी पाई गई जिन्हें निरस्त कर दिया गया।
इसके बाद एसडीएम स्तर पर हुए सत्यापन में 11 आवेदन खारिज किए गए। पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से भी आवेदकों के खातों की जांच के बाद 42 आवेदन निरस्त कर दिए गए क्योंकि आवेदकों के बैंक खाते बंद मिले या खाता संख्या गलत दर्ज की गई थी।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने किए 61 आवेदन निरस्त
वहीं, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने 61 आवेदन निरस्त किए हैं। इनमें से कई आवेदकों ने फर्जी तरीके से शादी के कार्ड और गलत आय प्रमाणपत्र लगाए थे। 125 आवेदन अभी संदेह के घेरे में हैं जिनकी जांच चल रही है जबकि 38 का सत्यापन बाकी है।
194 किए गए निरस्त
125 आवेदन अभी संदेह के घेरे में
38 का सत्यापन बाकी
909 आवेदन इस वर्ष सितंबर तक मिले
केस 1
देवपुरा के राकेश ने अनुदान के लिए आवेदन किया तो तहसील स्तर से हुए सत्यापन में आवेदन में लगाया गया शादी का कार्ड फर्जी पाया गया। जानकारी पर पता चला कि उनके यहां शादी पहले ही हो चुकी है और वह गलत तरीके से अनुदान लेना चाह रहे थे।
केस 2
बरनाहल के अशोक कुमार ने अनुदान के लिए गलत आय प्रमाण पत्र लगा दिया। ब्लॉक स्तर पर जांच में ये मामला सामने आने पर उनका आवेदन निरस्त कर दिया।
केस 3
मोहल्ला बागवान की अफसाना और दलीपपुर की शकीला बेगम ने तो अनुदान के लिए गलत आवेदन कर दिया, जबकि वह अल्पसंख्यक में आते हैं। ऐसे में उनका आवेदन निरस्त कर दिया।
शादी के अनुदान के लिए आए आवेदन का सत्यापन किया जाता है। इसमें जिनके आवेदनों में गढ़बढ़ी पाई गई, उनको निरस्त कर दिया गया। पात्र लाभार्थियों को राशि प्रदान कर दी गई है। आवेदन करते समय किसी गलत दस्तावेज का प्रयोग न करें और सही जानकारी के साथ ही आवेदन करें।-राजेश कुमार बघेल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी