आपातकाल में परिवार नियोजन इंदिरा गांधी सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल था। संजय गांधी ने युवक कांग्रेस में शामिल होने के लिए हर महीने दो लोगों की नसबंदी कराने की शर्त लगा दी थी। नसबंदी में जोर जबर्दस्ती से लोगों में रोष फैल गया। इसकी कीमत पार्टी को 1977 में हुए आम चुनाव में चुकानी पड़ी। कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ा।
विज्ञापन
अमर उजाला के 29 मार्च 1976 को प्रकाशित खबर के मुताबिक, लखनऊ में युवक कांग्रेस की रैली में संजय गांधी ने कहा कि 37 वर्ष से कम आयु वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए युवक कांग्रेस के लिए दरवाजे खुले हैं।
इसके लिए सिर्फ एक शर्त है कि उन्हें प्रत्येक महीने दो लोगों की नसबंदी करानी पड़ेगी। संजय गांधी ने जनसंघ और 1971 में चुनावी गठबंधन करने वाले दलों पर फासीवादी होने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
रैली में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने संजय गांधी और उनके कार्यक्रमों की जमकर तारीफ की। उन्होंने संजय को इतिहास बदलने वाला युवा बताया। इस बात से संजय गांधी का मनोबल तो बढ़ा, लेकिन जनता में इसका गलत संदेश गया।