एटा नौकरी ठगी: यूपी के एटा जिले से जालसाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जालसाजों ने बेरोजगार युवाओं को कंपनी मालिक बना दिया। एटा के आठ युवाओं के आधार और पैन कार्ड लेकर बोगस फर्म बना दीं। इनसे 90 करोड़ का लेनदेन किया। अब आयकर विभाग इन युवकों को ढूंढ़ रहा है।
एटा में नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाज भोले-भाले लोगों को बड़ी मुसीबत में फंसा रहे हैं। दिल्ली और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में बेरोजगारों के आधार और पैन कार्ड लेकर बोगस फर्में खोलने के बाद करोड़ों का लेनदेन किया जा रहा है।
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एटा जिले के आठ युवा इनके शिकार बने हैं। ये सभी लोग सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर और अन्य छोटी नौकरियों की तलाश में दिल्ली और गुरुग्राम गए थे। इनके आधार, पैन कार्ड समेत अन्य कागजात लेकर संपर्क करने के लिए कहा गया।
बाद में नौकरी पक्की होने के नाम पर कॉल कर जालसाजों ने ओटीपी ले लिया और सभी युवाओं के नाम पर बोगस फर्में बना दीं। इनके जरिए वर्ष 2024 से 2026 तक 90 करोड़ से अधिक का लेनदेन किया गया।
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मामले की जानकारी आयकर विभाग को हुई तो जांच बैठा दी। इसके बाद एटा के तीन युवाओं को 13-13 लाख रुपये का टैक्स जमा करने का नोटिस भेजा गया। अब ये युवा आयकर विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। स्थानीय आयकर कार्यालय ने भी जांच शुरू कर दी है।
मिलीभगत की आशंका
एक स्थानीय चार्टर्ड अकाउंटेंट के अनुसार, जालसाजों ने पहले ओटीपी लेकर फर्म रजिस्टर की। बाद में जीएसटी विभाग में सेटिंग कर बिना भौतिक सत्यापन कराए प्रक्रिया पूरी कराई गई होगी। खातों में लेनदेन बिना बैंक अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है। पूरे मामले में बड़े नेटवर्क की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
एटा में आठ केस सामने आए हैं। विभाग जांच कर रहा है। जांच के बाद कर निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।-विमल कुमार, आयकर अधिकारी
ये बने जालसाजों के शिकार
केस 1
जैथरा के गांव नगला सुंदर के अंकज कुमार गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। वर्ष 2024 में नौकरी की तलाश में गुरुग्राम गए थे। सिक्योरिटी गार्ड या हेल्पर की नौकरी के लिए उन्होंने आधार, पैन कार्ड समेत जरूरी कागजात जमा किए थे। जालसाजों ने मोती बाग, साउथ वेस्ट, दिल्ली का पता दर्शाकर उनके नाम पर शराब-तंबाकू बिक्री की फर्म बना ली और 2.81 करोड़ की बिक्री दिखाई। उन्हें 13,55,220 रुपये आयकर बकाया का नोटिस मिला है।
केस 2
जैथरा के नगला रूपधनी के रंजीत पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर नौकरी की तलाश में गुरुग्राम पहुंचे। ठेकेदार ने कागजात लेकर दोबारा संपर्क करने को कहा। बाद में उनके नाम से फर्जी फर्म रंजीत ट्रेडर्स बना दी। फर्म के जरिए शराब-तंबाकू का व्यापार और 2.66 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाई गई। अब उन्हें 13,05,000 का आयकर नोटिस मिला है।
केस 3
धुमरी के गांव नगला मेवाराम के शिवम से भी नौकरी के लिए कागजात लिए गए। इनके नाम पर शिवम ट्रेडर्स एग्रीकल्चर एवं रॉ मैटेरियल फर्म बनाकर 2.87 करोड़ की बिक्री दिखाई गई। आयकर विभाग से 13,05,310 रुपये टैक्स का नोटिस आया है।
इनके पैन कार्ड पर करोड़ों का लेनदेन
एटा के दिनेश नगर निवासी सुखवीर सिंह के पैन कार्ड से बनी फर्म से लाला धनीराम रमेश कुमार एंड कंपनी आदि को लगभग 12.83 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है।
एटा की पुरानी बस्ती निवासी वरुण जैन के पैन कार्ड से सुगंधा एंटरप्राइजेज दिल्ली के लिए लगभग 61.09 करोड़ रुपये का बड़ा लेनदेन हुआ है।
राजा का रामपुर निवासी अतिराज सिंह के पैन कार्ड पर बनी फर्म से गाजियाबाद और दिल्ली की कंपनियों को 14.58 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया है।
एटा के मनौरा गांव निवासी सतेंद्र कुमार के पैन कार्ड से बनी फर्म से बाबा मेटल कंपनी को 1.10 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है।
इनके पैन कार्ड पर करोड़ों का लेनदेन
जालसाजों के चंगुल में एटा के दिनेश नगर निवासी सुखवीर सिंह भी फंसे हैं। इनके पैन कार्ड से बनी फर्म से लाला धनीराम रमेश कुमार एंड कंपनी आदि को लगभग 12.83 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। पुरानी बस्ती निवासी वरुण जैन के पैन कार्ड से सुगंधा एंटरप्राइजेज दिल्ली के लिए लगभग 61.09 करोड़ रुपये का बड़ा लेनदेन हुआ है।
वहीं राजा के रामपुर के अतिराज सिंह के पैन कार्ड पर बनी फर्म से गाजियाबाद और दिल्ली की कंपनियों को 14.58 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। मनौरा गांव निवासी सतेंद्र कुमार के पैन कार्ड से बनी फर्म से बाबा मेटल कंपनी को 1.10 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है।