बरसात और एंबुलेंस की हड़ताल... इससे गर्भवती महिलाओं की हालत खराब हो गई। हड़ताल के तीसरे दिन भी 102 एंबुलेंस का फोन नहीं उठा तो बारिश में भीगते हुए ऑटो से गर्भवती महिलाएं आईं। इनमें से दो की हालत बीच रास्ते में ही बिगड़ गई। लेडी लॉयल और एसएन कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में रोजाना 90 से अधिक प्रसव होते हैं और 120 से 140 गर्भवती महिलाएं भर्ती होती हैं। बुधवार को सुबह से ही बारिश होने से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती होने में दिक्कत हुई। 102 और 108 नंबर कई बार मिलाने पर उठा नहीं, ऐसे में ई-रिक्शा और ऑटो में आना पड़ा, बारिश होने से भीग भी गईं।
डीएम के आश्वासन पर 108 सेवा की 34 एंबुलेंस कराई संचालित
जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108,102 के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि एंबुलेंस स्टाफ की स्थायी नियुक्ति, ठेका प्रथा खत्म करने समेत पांच मांगों के लिए ज्ञापन डीएम को दिया, उनके आश्वासन पर इमरजेंसी सेवा के लिए 108 सेवा की 34 एंबुलेंस का संचालन शुरू करा दिया है।
एंबुलेंस मिली नहीं, भाड़े पर लाई ऑटो
ट्रांसपोर्ट नगर की सुलेखा देवी अपनी बहू और नवजात को संभालते हुए ऑटो में बिठा रहीं थी। पूछने पर बताया कि एंबुलेंस के लिए फोन मिलाया, लेकिन उठा नहीं, स्टाफ ने बताया कि हड़ताल है, ऐसे में भाड़े पर ऑटो लेकर आई हूं।
बारिश में भींग गईं, प्रसूता की हालत बिगड़ी
रोहता के संदीप कुमार ने बताया कि पत्नी अंजलि को लेडी लॉयल में भर्ती थी, प्रसव होने के बाद ऑटो लाना पड़ा, बारिश होने के कारण पत्नी भी भीग गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। एंबुलेंस न मिलने पर मजबूरी में ऑटो करना पड़ा।
एंबुलेंस नहीं मिली
- खतैना की समाइला खान ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर लेडी लॉयल में दिखाने आना था, एंबुलेंस मिली नहीं, ऐसे में निजी वाहन से आई, बारिश में भीगना पड़ा, एंबुलेंस मिल जाती तो परेशानी नहीं होती।