बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) आनंद प्रकाश शर्मा के खिलाफ निलंबन के नाम पर परिषदीय शिक्षकों को मनचाहे स्कूलों में तैनाती देने की भी जांच चल रही है।
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी), बेसिक जांच कर रहे हैं। कई बार पत्र लिखने पर भी बीएसए ने आख्या उपलब्ध नहीं कराई तो एडी बेसिक ने 30 मई, 2019 को अर्द्ध शासकीय पत्र लिखा। तीन दिन के अंदर बीएसए से आख्या मांगी। निर्धारित अवधि बीतने पर भी जवाब नहीं मिला।
भारतीय जनता पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ के जिला सह संयोजक पंडित शिवकांत शर्मा ने 10 अक्तूबर, 2018 को बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा के खिलाफ मंडलायुक्त से शिकायत की थी।
आरोप लगाया था कि परिषदीय शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक लगे होने के बाद भी शिक्षकों को बिना उचित कारण के निलंबित कर उनकी तैनाती शहर के नजदीक वाले ब्लाक क्षेत्र के विद्यालयों में कर दी जा रही है।
आरोप है कि मनचाही तैनाती दिलाने के इस खेल में कुछ लिपिक भी संलिप्त हैं, वह एक-एक लाख रुपये वसूल रहे हैं। शिकायत की प्रति बेसिक शिक्षा निदेशक और एडी बेसिक सहित अन्य अधिकारियों को भेजी गई थी।
शिकायतकर्ता ने उदाहरण के तौर पर बताया कि नौ अक्तूबर, 2018 को बीएसए ने पत्र जारी कर सहायक अध्यापक बच्चू सिंह की तैनाती पूर्व माध्यमिक विद्यालय, फतेहाबाद प्रथम में की थी। इसे ही मूल विद्यालय बताया। जबकि निलंबन से पूर्व सहायक अध्यापक का मूल विद्यालय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, तिवाहा था।
अवध किशोर सिंह, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक का कहना है कि बेसिक शिक्षा निदेशक स्तर से जांच सौंपी गई है। बीएसए से कई बार मौखिक और लिखित जवाब मांगा गया पर उस पर अमल नहीं हुआ। इस पर अर्द्ध शासकीय पत्र लिखना पड़ा। आख्या उपलब्ध नहीं कराई। अब जो पदेन बीएसए होगा, उससे जानकारी मांगी जाएगी।