कृषि कानूनों का समर्थन
बैंदीपुर बिदरखा निवासी रंजीत सिंह ने बताया कि राज्यपाल ने किसानों से कृषि कानूनों के बारे में चर्चा की। इस पर किसानों ने कानूनों का समर्थन किया। रंजीत सिंह ने ड्रिप के माध्यम से मसाला मिर्च की फसल उगाकर लाभ कमाए जाने के बारे में जानकारी दी।
टूंडला के सुजातगढ़ निवासी डॉ. सर्वेश गौतम ने राज्यपाल को बताया कि ड्रिप सिंचाई के माध्यम से आर्गेनिक तरीके से खेती की है। इसमें इजराइल का केला, ताइवान का पपीता के अलावा अमरूद, एप्पल बेर, आलू की जैविक फसलों का उत्पादन करते हैं।
अरांव के सेनावली निवासी युवा किसान चिराग सिंह ने मशरूम की खेती के बारे में जानकारी राज्यपाल को दी। उन्होंने कहा कि यह जिला आरकेवाई के अंतर्गत आता है लेकिन यहां मशरूम की खेती करने वालों को सब्सिडी नहीं दी जाती है। इस पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से बात करके मशरूम की खेती का कलस्टर बनाए जाने का भरोसा दिया।
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं निराश होकर लौटीं
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से भेंट का कार्यक्रम था। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कई महिलाएं सामान लेकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के बाहर तक पहुंच गईं लेकिन परिचय पत्र न होने के कारण प्रवेश नहीं मिल सका। काफी देर तक इंतजार के बाद महिलाएं लौट गईं।