प्रदेश सरकार ने क्लस्टर बनाकर ताजनगरी के एक हजार जूता कारखानों को काम दिलाने की योजना बनाई है। पुलिस, पीएसी और सरकारी स्कूलों के लिए जूते बनाने का काम इन कारखानों को दिया जाएगा। योजना में जूता कारीगरों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। क्लस्टर के लिए देवरी रोड पर दो बीघा जमीन चिह्नित की जा चुकी है। एक साल के अंदर परियोजना के पूरा होने की संभावना है।
‘एक जिला-एक उत्पाद’ पांच करोड़ की इस परियोजना को प्रमुख सचिव नवनीत सहगल से मंजूरी मिल चुकी है। इस योजना में 90 फीसद सरकारी और 10 फीसद कारोबारियों का निवेश होगा। देवरी रोड में प्रशिक्षण केंद्र के अलावा जूतों का निर्माण होगा। जूता दस्तकार फेडरेशन के अध्यक्ष भरत सिंह ने बताया कि इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी। कोरोना काल में काम नहीं मिल रहा। इस योजना से बंद बड़े कारखाने खुल जाएंगे। एक साल में यह पूरी होने की उम्मीद है।
लेमको से अलग होगी योजना
यह योजना करीब 20 साल पूर्व बंद हो चुकी उत्तर प्रदेश चर्म विकास विपणन निगम (लेमको) से अलग होगी। कारण लेमको सरकार संचालित थी और ये निजी हाथों में होगी।