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योगी सरकार के बजट में खाली रह गई मैनपुरी की झोली

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18एमएनपी-18-यूपी बजट को शहर में टीवी पर देखते लोग - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। योगी सरकार का चौथा बजट मंगलवार को पेश किया गया। बजट में सीधे तौर पर मैनपुरी को कोई सौगात नहीं दी गई है। लोगों को उम्मीद थी कि इस बजट में मेडिकल कॉलेज के लिए भी बजट मिलेगा लेकिन अरमानों पर पानी फिर गया। कुल मिलाकर कहा जाए तो बजट में मैनपुरी की झोली खाली रह गई है।
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मैनपुरी योगी सरकार के आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री का जिला है। पिछले छह महीने से जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की कवायद चल रही है। केंद्र सरकार की ओर से देशभर में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए बजट का प्रावधान किया जाएगा। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। वहीं लोगों को उम्मीद थी कि उद्योग शून्य जिले के लिए कुछ घोषणा की जाएगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला। लोगों को सिर्फ उन्हीं योजनाओं का लाभ मिलेगा जो प्रदेश स्तर पर लागू की गई हैं। अनूप शुक्ला, विक्रम राठौर, कमल शर्मा आदि लोगों का कहना है कि सरकार को मेडिकल कॉलेज के लिए अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। बजट में सरकार ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है।
पर्यटन विकास में भी जिले पर नहीं दिया ध्यान
योगी सरकार के बजट में पर्यटन विकास को लेकर कई प्रावधान किए गए हैं, लेकिन जिले को इन प्रावधानों से दूर रखा गया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुने समान पक्षी विहार का जिक्र बजट में नहीं किया गया है। हाल ही में समान पक्षी विहार को रामसर साइट पर जगह मिली है। विदेशी सैलानी भी यहां आने लगे हैं, ऐसे में बजट का प्रावधान न होने से जिले के लोगों को मायूसी हाथ लगी है।
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कैंसर यूनिट की हुई अनदेखी
प्रदेश सरकार ने बजट में कैंसर संस्थान के लिए 187 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जिले में बनाई गई कैंसर यूनिट पर ध्यान नहीं दिया है। कैंसर पीड़ित धनपाल सिंह का कहना है कि सरकार अगर कुछ लाख रुपये का प्रावधान करती तो कैंसर यूनिट को चालू किया जा सकता था। इससे मैनपुरी सहित आसपास जिले के लोगों को लाभ मिलता।
फोटो-18 से 26 तक
बजट से कोई सहमत तो किसी ने जताई निराशा
हर कोई लेता रहा बजट की अपडेट
बाजार में व्यापारियों की टीवी और मोबाइल पर रही नजर
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। प्रदेश सरकार के बजट पर लोगों की निगाह रही। विधानसभा में बजट की कार्रवाई शुरू होते ही लोग टीवी और मोबाइल फोन के जरिए पल पल की अपडेट लेते रहे। हालांकि इस बजट से कोई सहमत दिखा तो बहुत लोगों ने निराशा जताई।
मंगलवार को प्रदेश सरकार ने विधानसभा में बजट पेश किया। दुकानों पर कामकाज छोड़कर व्यापारी बजट की कार्रवाई देखते नजर आए। युवा मोबाइल फोन पर बजट की अपडेट लेते रहे। घरों में भी लोगों को बजट की कार्रवाई देखते हुए देखा गया। सरकारी दफ्तरों में भी कर्मचारी बजट की अपडेट लेते रहे।
रोजगार की नीति नहीं की स्पष्ट
बजट को लेकर युवाओं ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बेरोजगारों को रोजगार देने की नीति स्पष्ट नहीं की गई है। अमन मिश्रा, देवेंद्र सिंह, अनमोल पांडेय आदि युवाओं ने मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना का स्वागत किया है। युवाओं का कहना है कि प्रशिक्षण के साथ प्रतिमाह भत्ता मिलने से युवाओं को राहत मिलेगी। हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को रोजगार की व्यवस्था कैसे की जाएगी। युवाओं को सरकारी नौकरी देने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
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बजट पर बोले लोग
सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान दिया है। देर रात घर लौटने वाली कामकाजी महिलाओं को पुलिस सुरक्षा देना सरकार का बेहतर कदम है।
-निशा, शिक्षिका
सरकार ने नया टैक्स नहीं लगाया है, इससे लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि महंगाई कम करने की दिशा में भी कुछ प्रावधान होता, तो अच्छा रहता।
-रिया सिंह, गृहिणी
महिलाओं को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराना सरकार का अच्छा निर्णय है। पॉक्सो न्यायालय खुलने से दोषियों को जल्द सजा मिलेगी।
-चांदनी पचौरी, कामकाजी महिला
बजट में सरकारी कर्मचारियों को कुछ नहीं मिला है, हालांकि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। पुलिस विभाग का ध्यान रखा गया है।
-चंद्रशेखर, सरकारी कर्मचारी।
युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की नीति सरकार ने स्पष्ट नहीं की है। प्रशिक्षण लेने के बाद सरकार रोजगार कैसे देगी यह स्पष्ट होना चाहिए था।
-हर्ष वर्मा, युवा
व्यापारियों की सुरक्षा के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। नया टैक्स न लगाकर सरकार ने राहत दी है।
-राहुल गुप्ता, दुकानदार
किसान फ्री बिजली, पानी और बीज की मांग कर रहे हैं, सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया है। गोवंश किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
-देवदत्त सिंह, किसान
बजट में सरकार ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है। जनता मेडिकल कॉलेज की मांग कर रही है, सरकार ने कोई घोषणा नहीं की है।
-गगनदीप तिवारी, अधिवक्ता।
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