रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में स्नातक की 1,445 छात्राएं चयनित हुई हैं, जिनकी सामान्य मेरिट का कटऑफ 85.12 फीसदी रहा। विश्वविद्यालय ने सूची ऑनलाइन जारी कर दी है, पात्र छात्राएं मूल प्रमाणपत्रों के साथ कंप्यूटर सेंटर में संपर्क कर सकती हैं।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में स्नातक की 1445 छात्राएं चयनित हुई हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि 2025-26 सत्र में स्नातक में 28,897 छात्राएं उत्तीर्ण हुई थीं। इसके आधार पर शीर्ष पांच फीसदी छात्राओं की संख्या 1445 तय की है।
विज्ञापन
ये सामान्य मेरिट का कटऑफ 85.12 फीसदी है। समिति ने टाईब्रेकर नियमों के अनुसार 81 छात्राओं में से 14 का चयन माध्यमिक में प्राप्त उच्च अंकों के आधार पर किया है।
इसमें सामान्य कटऑफ से 10 प्रतिशत तक कम मेरिट पर पात्र विशेष श्रेणियों में 75.12 प्रतिशत है। दिव्यांग और अनाथ छात्राओं को पात्र पाया गया है। ये सूची विश्वविद्यालय के पोर्टल पर है। इसमें कोई पात्र छात्रा वंचित रह गई है तो वह मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के साथ विश्वविद्यालय के कंप्यूटर सेंटर में संपर्क कर सकती हैं।
क्या है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना?
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को उत्तर प्रदेश सरकार चलाती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाना है और साथ ही उनकी यात्रा को आसान बनाना है।
इसलिए पात्र छात्राओं को मुफ्त स्कूटी (स्कूटी के साथ शुरुआत में 5 लीटर मुफ्त पेट्रोल, हेलमेट और गाड़ी RTO Registration के साथ स्कूटी के बीमा का खर्च भी देती है) देने का प्रावधान है।
किसे मिलेगी मुफ्त स्कूटी?
जो प्रदेश के मूल निवासी हैं।
शैक्षणिक योग्यता के रूप में सरकारी या प्रावेट कॉलेज में स्नातक में पढ़ने वाली मेरिट वाली छात्राएं।
हालांकि, इसके लिए हर संस्थान के पास-आउट हुए बैच में से टॉप 5% मेधावी छात्राओं को चुना जाता है और वे मुफ्त स्कूटी के लिए पात्र होती हैं।
अगर आपको योजना से जुड़ना है तो आपके परिवार की आय भी देखी जाती है।
जिस छात्रा को योजना से जुड़ना है, उसके परिवार की कुल सालाना आय 12 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
हालांकि, जो छात्रएं दिव्यांग हैं, निराश्रित है और जो छात्राएं शहीद परिवारों से आती हैं उन्हें इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है।