एसपी सिंह के राजनीति गुरु कैसे बने मुलायम सिंह
मुलायम सिंह यादव कैसे एसपी सिंह के राजनीतिक गुरु बने हर किसी के मन में ये सवाल उठता है। दरअसल बात तीन दशक से भी अधिक पुरानी है। वर्ष 1989 में मुलायम सिंह यादव पहली बार उप्र के मुख्यमंत्री बने। तब उनकी सुरक्षा में एसपी सिंह बघेल बतौर उप निरीक्षक तैनात थे। यहीं से उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा मिली।
बाद में जब एसपी सिंह बघेल राजनीति में आए तो मुलायम सिंह यादव ने ही उन्हें जलेसर से लोकसभा का टिकट दिया, जिस पर 1998 में पहली बार जीतकर वे संसद पहुंचे। इसके बाद 1999 और 2004 में भी सपा के टिकट पर ही लोकसभा पहुंचे। लेकिन बाद में उन्हें किन्हीं कारणों के चलते सपा से निलंबित कर दिया गया था।
'पहले भी ढहाए हैं सपा के गढ़'
करहल को सपा का गढ़ माना जाता है, इस बात पर एसपी सिंह बघेल ने कहा कि आजादी के बाद किसी कोश भी कोई गढ़ कहने का अधिकार नहीं है। लेकिन अगर सपा करहल को अपना गढ़ मानती है तो पहले भी हमने गढ़ ढहाए हैं।
उन्होंने कहा कि चाहे फिरोजाबाद का गढ़ हो, बदायूं का या फिर कन्नौज का सभी को सपा अपना गढ़ कहती थी। लेकिन वोट की चोट से सभी गढ़ धराशाई हो गए। इस पर करहल का गढ़ भी ध्वस्त होगा। उन्होंने कहा कि इतिहास में 2022 का विधानसभा चुनाव सैफई के गढ़ को ध्वस्त करने के लिए याद किया जाएगा।