कहीं कट गया वोट तो कहीं पर्ची ही नहीं बन सकी
प्रशासन द्वारा पूरे वर्ष वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण कर मतदाताओं के नाम बढ़ाने की कवायद की गई थी। इसके लिए प्रत्येक मतदान केंद्रवार बीएलओ भी नियुक्त किए गए थे। बीएलओ द्वारा कैंप लगाकर मतदाताओं के नाम बढ़ाने संबंधी दावे भी किए गए थे, लेकिन बृहस्पतिवार को जैसे ही मतदाता घरों से निकलकर वोट डालने मतदान केंद्रों तक पहुंचे, उनके वोट वोटर लिस्ट से गायब मिले। इनमें कुछ मतदाताओं ने ऑनलाइन वोटर कार्ड भी बनवाए थे। उनके नाम वोटर लिस्ट से डिलीट कर दिए गए। वोटर लिस्ट में नाम डिलीट किए जाने संबंधी जानकारी उक्त मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर मौजूद मतदानकर्मियों ने दी।