आगरा जिले में आठ महीने तक मतदाता सतत पुनरीक्षण अभियान चला। ऑनलाइन से लेकर मैनुअल फॉर्म जमा हुए। लेकिन जिले में मतदाता बढ़ने की जगह 10331 घट गए। नौ विधानसभा क्षेत्रों में 15 जनवरी 2021 तक जहां 33,93,292 मतदाता थे, वहीं अब 15 अगस्त तक 33,82,961 रह गए हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि जिन मतदाताओं ने फॉर्म भरे थे। सत्यापन में वह नहीं मिले। जिसके बाद उनके नाम विलोपित किए हैं।
2022 विधान सभा चुनाव में छह महीने शेष है। 25 जनवरी 2020 से जिलेभर में मतदाताओं का सतत पुनरीक्षण चल रहा है। 1 जनवरी 2021 तक जिले में 33.93 लाख कुल मतदाता थे। आठ महीने बाद इनकी संख्या बढ़ने की बजाय घट गई। 15 अगस्त 2021 तक नौ विधानसभा क्षेत्रों में कुल 33.82 लाख मतदाता हैं। जिनमें 18,42674 पुरुष और 1540160 महिलाएं हैं, 127 अन्य हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक जिले में 52.54 लाख आबादी है। जिसमें 28.06 लाख पुरुष हैं और 24.47 लाख महिला जनसंख्या है। 18 से 19 साल के बीच 29435 मतदाता हैं। जो 2022 में पहली बार मतदान करेंगे। दावे व आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने यह रिपोर्ट जारी की है। 15 जनवरी 2021 तक जिले में 18.48 लाख पुरुष और 15.44 लाख महिला मतदाता थे। 10331 मतदाता पुर्नरीक्षण के बाद कम हो गए।
विलोपित हुए हैं मतदाता
एडीएम वित्त एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि सतत सत्यापन में मतदाता विलोपित हो गए हैं। बहुत से ऐसे लोग थे जिन्होंने फॉर्म भरे, लेकिन पते पर नहीं मिले। ऐसे मतदाता घट गए हैं। साथ ही मृत्यु व अन्य कारणों से मतदाता कम हुए हैं। नए मतदाताओं को जोड़ने का काम नवंबर से शुरू होगा।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।