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UP Election 2022: जातियों के गणित में उलझा सुहागनगरी का सियासी समीकरण, जानिए फिरोजाबाद का हाल

Fri, 11 Feb 2022 01:25 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद में भाजपा इस बार अपने परंपरागत वोट को एकजुट रखने के साथ बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी की जुगत में जुटी है। सपा ने नए चेहरे के रूप में सैफुर्रहमान उर्फ छुट्टन भाई को प्रत्याशी बनाया है। 
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भाजपा प्रत्याशी मनीष असीजा, सपा के सैफुर्रहमान, बसपा प्रत्याशी शाजिया हसन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश और दुनिया भर में कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियों के शहर फिरोजाबाद में सियासी पारा दिन प्रतिदिन चढ़ता जा रहा है। राजनीति के गणितिज्ञ एवं राजनीतिक दल जातियों के गणित में उलझे हैं। 2017 में भाजपा ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। बीते पांच वर्ष में इस विधानसभा क्षेत्र के समीकरणों में काफी कुछ बदलाव हुआ है। भाजपा को कड़े इम्तिहान से गुजरना होगा।

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2017 के चुनाव में भाजपा के मनीष असीजा जीते थे। उन्होंने सपा प्रत्याशी अजीम भाई को 41727 मतों से हराया था। बसपा के खालिद नसीर 51328 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। 2012 के चुनाव में भाजपा के मनीष असीजा ने अजीम भाई को दो हजार मतों के अंतर से हराया था। भाजपा ने दो बार से विधायक रहे मनीष असीजा पर तीसरी बार दांव लगाया है। 

एक-दूसरे के वोटबैंक में सेंधमारी की जुगत

भाजपा इस बार अपने परंपरागत वोट को एकजुट रखने के साथ बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी की जुगत में जुटी है। सपा ने नए चेहरे के रूप में सैफुर्रहमान उर्फ छुट्टन भाई को प्रत्याशी बनाया है। वह पार्टी के मूल वोट बैंक मुस्लिम-यादव के साथ-साथ अन्य वोट बैंक की सेधमारी में जुटे हैं। जबकि पिछली बार सपा से चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे पूर्व विधायक अजीम भाई ने सपा से टिकट नहीं मिलने पर बसपा का दामन थाम लिया। बसपा ने उनकी पत्नी शाजिया हसन को प्रत्याशी बनाया है। शाजिया हसन बसपा के मूल वोट बैंक (दलित) के साथ-साथ मुस्लिम वोट बैंक में सेधमारी में जुट गई हैं।

उनके पति अजीम भाई 2002 में सपा से विधायक रहे थे। इधर, कांग्रेस ने युवा चेहरे के रूप में पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे संदीप तिवारी पर दांव लगाया है। एआईएमआईएम ने इस बार घोषित मुस्लिम प्रत्याशी को बदलकर बबलू राठौर गोल्डी को चुनाव मैदान में उतारा है। जातीय समीकरण में उलझे इस चुनाव में स्थानीय मुद्दे तो गायब हो गए हैं। इस बार का विधानसभा चुनाव अंतिम दौर में किस मोड पर पहुंचेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। 

2017 का परिणाम

  • मनीष असीजा-भाजपा- 102654 
  • अजीम भाई   -सपा         -60927 
  • खालिद नसीर  -बसपा      -51328 
  • एहतेशाम अली बाबर- एआईएमआईएम-11474 

वोटों का गणित जातिगत अनुमानित 

  • मुस्लिम  -1.55 लाख 
  • वैश्य        -95 हजार 
  • जाटव       -45 हजार 
  • शंखवार     -35 हजार 
  • राठौर        -37 हजार 
  • यादव        -20 हजार 
  • ब्राह्मण       -25 हजार 
  • अन्य- 17 हजार
  • जातिगत आंकड़े अनुमानित है।
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रघुवर दयाल के अलावा नहीं बना मंत्री

फिरोजाबाद विधानसभा से रघुवर दयाल वर्मा 1996 मे सोशल एक्शन पार्टी से विधायक चुनने के बाद प्रदेश सरकार में मंत्री बने थे। इनके अलावा इस विधानसभा से चुनने वाला कोई विधायक प्रदेश सरकार में अभी तक मंत्री नहीं बन सका। 

ध्रुवीकरण पर टिकी भाजपा की नजर

सुहागनगरी (फिरोजाबाद सदर) सीट के रण में प्रत्याशियों के सामने चुनौती ही चुनौती है। भाजपा प्रत्याशी मनीष असीजा के समक्ष यहां हैट्रिक लगाने की चुनौती है। उनके समक्ष अपने मूलवोट बैंक का बिखराव रोकने की बड़ी जिम्मेदारी है। भाजपा की नजरें ऐनवक्त पर होने वाले ध्रुवीकरण पर भी टिकी हैं। पिछले चुनाव में भाजपा का मुकाबला सपा के अजीम भाई से हुआ था। 

बसपा तीसरे स्थान पर रही थी। लेकिन अजीम भाई की पत्नी शाजिया हसन इस बार बसपा प्रत्याशी हैं। सपा प्रत्याशी के रूप में सैफुर्रहमान उर्फ छुट्टन मैदान में है। मुस्लिम मतदाताओं का रुझान किस ओर रहेगा यह भी बहुत कुछ तय करेगा। सपा-बसपा के प्रत्याशी मुस्लिम होने के कारण यह वोट बंटने की संभावना बढ़ गई है। अब देखना यह होगा कि मतदान वाले दिन ऊंट किस करवट बैठता है।
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