पुलिस लाइन में डीजीपी ओमप्रकाश सिंह, साथ में पुलिस अफसर
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प्रदेश में बदमाश बेखौफ होकर अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। जनता में दहशत है, लेकिन पुलिस के मुखिया ओपी सिंह का कहना है कि प्रदेश में तेजी के साथ अपराध घट रहा है। इतना ही नहीं डीजीपी साहब पुलिस की कार्यप्रणाली से भी पूरी तरह संतुष्ट हैं।
उनका कहना है कि पुलिस बढ़िया काम कर रही है। छोटी मोटी कमियां हैं, जिन्हें दूर कर लिया जाएगा। आगरा और मथुरा में बढ़े अपराध और पुलिस कस्टडी में मौत के सवाल गूंजे तो चुप्पी साध गए। मीडिया ने सवाल किए तो कह दिया कि एडीजी साहब बात करेंगे।
शुक्रवार को डीजीपी ओपी सिंह मथुरा में थे। पुलिस लाइन में बैरक का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आप बता दीजिए कोई दंगा हुआ हो तो। संगठित अपराध खत्म हो गया। अपराधी सलाखों के पीछे डाल दिए गए। जो फरार हैं उन्हें तलाश किया जा रहा है।
इस सवाल को किया अनसुना
यहां जब मथुरा और आगरा में बढ़े क्राइम का सवाल उठा तो डीजीपी ने अनसुना कर दिया। कुछ लोगों ने पुलिस अधिकारियों के फोन न उठाने की बात की तो डीजीपी ने साफ कह दिया कि ऐसा हो ही नहीं सकता। अधिकारियों को छोड़िए हमारा हर स्टेशन ऑफिसर भी तत्काल फोन रिसीव करता है।
डीजीपी ने खुद समय समय पर इसकी चेकिंग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कुछ कमियां अभी रह रहीं हैं, जिन्हें जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। पुलिस 2019 को प्रशिक्षण वर्ष के रूप में मनाएगी। पुलिस को कई बिंदुओं पर ट्रेंड किया जाएगा।
पुलिस के लिए कैप्सूल कोर्स तैयार किए जा रहे हैं। पुलिस के प्रशिक्षण केंद्रों पर इन कोर्स को चलाकर पुलिस वालों को ट्रेनिंग दी जाएगी। एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा कि साइबर क्रिमिनल से निपटने में अभी हमारी पुलिस कमजोर है।
साइबर क्राइम के 4000 मुकदमे लंबित
साइबर क्राइम के 4000 मुकदमे लंबित हैं, जिन्हें जल्द निस्तारित किया जाएगा। साइबर क्रिमिनल की कमर तोड़ने के लिए पुलिस को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। कुछ एक्सपर्ट पुलिस को प्रशिक्षण देंगे।
उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रदेश में दो नए ट्रेनिंग सेंटर भी बनेंगे। अभी ट्रेनिंग की क्षमता छह हजार है, जिसे बढ़ाकर 20 हजार किया जाना है। प्रदेश की पुलिस को और आधुनिक बनाने के लिए इसरो और अन्य संस्थानों से मदद ली जा रही है।