फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etah: हैलो मैं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोल रहा हूं, इलाज में कोई समस्या तो नहीं है... फोन पर जाना गुर्दा रोगियों का हाल 

Thu, 23 Jun 2022 02:47 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का फोन आया, तो लोगों को पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ। बातचीत हुई और लोगों ने फोन पर उप मुख्यमंत्री को सारा हाल बताया। वहीं सरकार की इस पहल की लोगों ने सराहना भी की।
 
विज्ञापन
उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एटा मेडिकल कॉलेज में संचालित डायलिसिस यूनिट में रोगियों को फोन करके प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने हालचाल पूछा। रोगियों को अपना परिचय दिया और यूनिट में मिल रही सुविधा व दवाओं की जानकारी ली। पता किया कि इलाज में उन्हें कोई समस्या तो नहीं आ रही है।

विज्ञापन

 
शहर के मोहल्ला जगन्नाथपुरी निवासी भारत सिंह की करीब एक वर्ष से डायलिसिस चल रही है। सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराने के लिए मेडिकल कॉलेज स्थित यूनिट में आते हैं। भारत ने बताया कि बुधवार की शाम करीब चार बजे उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक की फोन कॉल मोबाइल पर आई। उन्होंने हाल-चाल पूछा। यूनिट में कार्यरत कर्मियों की कार्यशैली और सेवाओं के बारे में जानकारी ली। भारत बोले, उपमुख्यमंत्री का फोन आने से उत्साहित हैं। इस तरह मरीजों की हिम्मत बढ़ेगी और अस्पताल में चिकित्सक व कर्मचारी भी बेहतर सेवाएं देंगे।

पिता के स्वास्थ्य के बारे में पूछा 

ब्लॉक शीतलपुर क्षेत्र के गांव किशनगढ़ निवासी राजपाल सिंह के पास भी डिप्टी सीएम का फोन आया। उनकी एक वर्ष से डायलिसिस चल रही है। हर सप्ताह यहां आते हैं। पुत्र मनोज कुमार ने बताया कि मंगलवार को उपमुख्यंत्री बृजेश पाठक का फोन आया। उन्होंने अपना परिचय देते हुए पिता के स्वास्थ्य के बारे में पूछा। डायलिसिस के बारे में भी जानकारी ली। बताया कि पिता का उपचार आगरा में चल रहा है। दवाओं की समस्या बताई। जिस पर डिप्टी सीएम ने महानिदेशक चिकित्सा को निर्देश देकर मदद उपलब्ध कराने की बात कही।

बता दें यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को 'स्वास्थ्य आपका संकल्प सरकार का' मिशन चलाने का एलान किया है। इसके तहत वह प्रदेश के अस्पतालों में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों से फोन पर सीधे बात कर इलाज के बारे में जानकारी ले रहे हैं। शिकायत मिलने पर सीधे कार्रवाई करने के लिए कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें